मान बोले, इन तीनों नेताओं को पार्टी से निकाल देना चाहिए
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जहां एक ओर योगेन्द्र यादव सुलगी हुई चिंगारी का दबाने के लिए कार्यकर्ताओं से आपसी कलह खत्म करने की बात कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने 'आप' के इन तीन नेताओं के खिलाफ एक नई जंग का ऐलान कर दिया है।
अब भगवंत मान ने पार्टी से मांग की है कि शांति भूषण, योगेन्द यादव और प्रशांत भूषण तीनों को ही आम आदमी पार्टी से निकाल देना चाहिए।
भगवंत मान ने शांति भूषण के खिलाफ कई अन्य आरोप भी लगाए हैं। मान बोले कि यही शांति भूषण हैं जिन्होंने संगरुर में दिल्ली चुनाव अपने नेतृत्व में लड़े जाने की मांग की थी।
इनके बयानों को सुनते हैं तो बहुत दु:ख होता है
एक टीवी कार्यक्रम की बातचीत में मान बोले कि ''हर रोज मीडिया में कुछ न कुछ छपता है बोला जाता है. जो लोग पार्टी को कमजोर करने की और चुनावों में पार्टी को हराने की कोशिशें कर रहे थे उनके खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए. ''
आप सांसद के तीखे हमलों का वार यहीं नहीं थमा वो बोलते रहे। कहा कि यही वो प्रशांत भूषण हैं जो आप कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के वजाए ये कह रहे थे कि दिल्ली आने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि हम दिल्ली हार रहे हैं।
मान के व्यंग बाण यहीं नहीं थे। आप का ये सांसद तीखे सवालों से इन तीनों के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगाता रहा।
मैं ऐसी साजिश करुं तो मुझे भी निकाल दें
शांति भूषण बोले कि केजरीवाल से माकन अच्छे हैं, केजरीवाल से किरण बेदी अच्छी हैं, आम आदमी पार्टी अपने मिशन से भटक गई है। ऐसी बातें सुनने को मिलती हैं तो हमें बहुत दुःख होता है।
मान बोले कि कार्यकर्ता जीजान लगाकर मेहनत कर रहे थे, मैं खुद तीन महीने से घर नहीं गया। मैने दिल्ली चुनावों में कुल 121 जनसभाएं कीं वहीं कुछ लोग ड्राइंगरुम में बैठकर बयानबाजी करें तो उन्हें बख्सा नहीं जाना चाहिए।
मान बोले कि ''मेरी निजी राय है कि अगर ऐसी साजिशें रचने वाले पार्टी में नहीं रहना चाहिए, चाहें मैं ही ऐसा कुछ कर रहा हूं और भले ही मैं सांसद हूं तो मुझे भी पार्टी से निकाल देना चाहिए. ''