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सिसोदिया ने रंगे हाथ पकड़ा स्कूल का गोरखधंधा

Wed, 15 Apr 2015 03:59 PM IST
Updated Wed, 15 Apr 2015 03:59 PM IST
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Manish sisodiya raid on a government school in delhi

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने सरकारी स्कूल में अचानक छापा मार कर कई गड़बड़ियों को खुलासा किया है। दिल्ली के प्रेसिडेंट स्टेट स्थित राजेंद्र सर्वोदय विद्यालय में अचानक पड़े छापे से स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।

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छापे के दौरान मनीष सिसोदिया ने न सिर्फ क्लास मे जाकर बच्चों से पढ़ाई और टीचर्स के व्यवहार के बारे में जाना बल्कि खुद ही फाइलों का निरीक्षण भी किया।

इस दौरान कुछ ऐसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं जिसे देखते हुए स्कूल के प्रिंसिपल सहित एक टीचर को सस्पेंड कर दिया गया। इस मौके पर मनीष सिसोदिया के साथ मीडिया के लोग भी मौजूद थे।
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मनीष ने मीडिया को एक फाइल दिखाते हुए बताया कि इसमें स्कूल के लैब के लिए खरीदे जा रहे एक किलो मीट का रेट 210 रुपये दिखाया गया है और पांच किलो मीट का कुल मूल्य 850 रुपये बताया जा रहा है और ऐसा लगातार हो रहा है।
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खुला फर्जी नियुक्ति का मामला

Manish sisodiya raid on a government school in delhi

इस छापे के दौरान स्कूल में फर्जी नियुक्ति के नाम पर कर्मचारी की नियुक्ति और फर्जी भुगतान का मामला भी सामने आया। स्कूल के रिकॉर्ड में सफाई के लिए पांच कर्मचारियों की नियुक्ति को दिखाया गया है। जबकि वास्तव में वहां एक ही कर्मचारी नियुक्त पाया गया।

इतना ही नहीं, कर्मचारी के लिए सरकार से लिए जा रहे वेतन की तुलना में उन्हें दिए जा रहे वेतन में भी अंतर का मामला सामने आया। जब इस बारे में स्कूल के कर्मचारियों से पूछा गया तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।

इसी तरह खाने पीने के सामान और उनकी कीमत में हो रही गंभीर गड़बड़ी का भी खुलासा हुआ। मनीष ने मीडिया को उस फाइल को भी दिखाया जिसमें इस गड़बड़ी को साफ तौर पर देखा जा सकता है।

लैब के नाम पर हुआ बड़ा घोटाला

Manish sisodiya raid on a government school in delhi

चौंकाने वाली बात यह है कि इस स्कूल में फूड प्रोसेसिंग का एक कोर्स चलता है। स्कूल के दस्तावेजों में दिखाया गया है कि इस कोर्स की प्रैक्टिल पढ़ाई के लिए एक फूड प्रोसेसिंग लैब की स्‍थापना की गई है।


जबकि स्कूल में ऐसा कोई भी लैब नहीं पाया गया। इतना ही नहीं इस लैब में इस्तेमाल करने के लिए बड़ी मात्रा में खाने-पीने का महंगा सामान भी मंगाया जाता है।

इन सामानों की खरीद और उनके दाम को लेकर भी गंभीर गड़बड़ियों का डिप्टी सीएम के छापे के दौरान खुलासा हुआ।

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