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मनीष सिसोदिया 230 छात्रों को दिए स्मार्टफोन, बोले- 20 देशों में देखा जा रहा है दिल्ली का लर्निंग मैटेरियल

Tue, 22 Dec 2020 01:03 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 22 Dec 2020 01:03 AM IST
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Manish Sisodia gave smartphones to 230 students he said Delhi learning material is being seen in 20 countries
मनीष सिसोदिया ने छात्रों को दिए स्मार्टफोन - फोटो : amar ujala

दिल्ली सरकार के स्कूलों की ऑनलाइन कक्षाओं को वैश्विक मान्यता मिली है। दिल्ली का लर्निंग  मैटेरियल 20 देशों में देखा जा रहा है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को इस कामयाबी के लिए दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की बधाई दी है। सिसोदिया का कहना है कि दिल्ली सरकार के शिक्षकों का ऑनलाइन शिक्षा कंटेंट विश्वस्तरीय है। विषम हालातों व बेहद कम समय में शिक्षकों ने इस तरह के कंटेंट तैयार कर दिल्ली का मान बढ़ाया है।

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मनीष सिसोदिया ने कहा कि कि कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली के शिक्षकों ने डिजिटल कक्षाओं का नया शिक्षा मॉडल खड़ा कर दिखाया है। यह राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्व रखता है। विश्व के जिन लगभग 20 देशों में हमारे ई-लर्निंग मैटेरियल को देखा जा रहा है, उनमें अमेरिका, इंगलैंड, जर्मनी, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, कनाडा, मलेशिया, रूस, फिलिपिंस के साथ ही हमारे पड़ोसी देश भी शामिल हैं।
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लॉकडाउन के बाद 6 अप्रैल 2020 को बारहवीं की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की गई थीं। इसमें 60 शिक्षकों द्वारा 11 विषयों की पढ़ाई शुरू की गई थी। शिक्षा निदेशालय ने बेहतर शिक्षकों की पहचान करके ऑनलाइन कक्षाएं लगाने तथा उन्हें इंटरैक्टिव बनाने की जिम्मेदारी दी थी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा का सामान्य प्रशिक्षण के साथ शिक्षकों ने नवाचार किया और सफलता दिखाई। इनमें आकर्षक पीपीटी, इंटरैक्टिव वीडियो और डिजिटल बोर्ड जैसे तरीकों का उपयोग किया गया।
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मनीष सिसोदिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिल रहे सकारात्मक फीडबैक से शिक्षकों का मनोबल काफी बढ़ा है। इससे उन्हें अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिल रही है। फिलहाल बारहवीं के लिए 132 शिक्षकों द्वारा 16 विषयों की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। कक्षा 11 के बच्चों के लिए 12 विषयों की पढ़ाई हो रही है। इसके अलावा कोरोना से सावधानी के उपाय, सांप्रदायिक सद्भाव, पर्यावरण जागरूकता जैसे विषयों पर भी महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया गया।

कोरोना काल में बढ़ा आन लाइन का चलन
कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण मार्च 2020 में स्कूलों को अचानक पूरी तरह बंद करना पड़ा। दिल्ली सरकार ने बच्चों का शैक्षिक नुकसान कम-से-कम रखने के उद्देश्य से तत्काल ऑनलाइन शिक्षा का निर्णय लिया। शिक्षकों ने लॉकडाउन शुरू होने के 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन कक्षाओं का प्रयोग शुरू कर दिया। जुलाई 2020 से यूट्यूब चैनल पर ऑनलाइन क्लासेज भी शुरू हो गईं। कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के लिए दो अलग-अलग कोर एकेडमिक यूनिट नामक यूट्यूब चैनलों पर कक्षाएं हो रही हैं। इस चैनल की साप्ताहिक दर्शक संख्या सात लाख से भी अधिक है। इसके साथ ही कक्षा 10 तक के छात्रों के लिए रोज विषयवार वर्कशीट्स भी व्हाट्सप्प के जरिये भेजी जाती है।
 

नौंवीं से बारहवीं कक्षा के 230 छात्रों को बांटा गया स्मार्टफोन  

रोहिणी सेक्टर- 8 राजकीय सर्वोदय विद्यालय में सोमवार को नौवीं से बारहवीं कक्षा के 230 जरूरतमंद छात्रों को स्मार्ट फोन बांटा गया। ताकि यह बच्चे भी ऑनलाइन कक्षाओं में हिस्सा ले सकें। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के हाथों छात्रों को मोबाइल फोन प्राप्त हुआ। यहां सर्वाधिक खास बात यह रही कि इन सभी बच्चों को दिये गये स्मार्ट फोन समाज से सहयोग से प्राप्त हुए हैं। मनीष सिसोदिया ने बताया कि विद्यालय के प्राचार्य अवधेश कुमार झा और उप प्राचार्य भारती कालरा के प्रयास से ऐसा संभव हुआ है। 

छात्रों को बांटे गए 108 स्मार्टफोन गुरुग्राम के श्रीराम स्कूल की दसवीं की छात्रा अविका दीवान ने दिया है। जबकि विवेक तनेजा और कविता तनेजा ने अपने पुत्र शोभित की स्मृति में 60 स्मार्टफोन दिये हैं। वहीं डॉ. सुरुचि मित्तर और अचला अली द्वारा स्थापित टाइम बैंक के तहत 62 स्मार्टफोन दियेगए हैं। जबकि नोएडा के एक सीए फर्म ने 10 स्मार्टफोन दिये हैं।

मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों द्वारा किये जा रहे इस तरह के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने ‘आउट ऑफ द बॉक्स‘ सोच का परिचय देकर कई अनूठे प्रयोग किये हैं। उन्होंने इसे अच्छे लोगों की सोच का नतीजा बताया है। कहा दुनिया आज भी अच्छे लोगों से भरी पड़ी है।

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