मनीष सिसोदिया ने डीयू वीसी को लिखा पत्र, बताया ऐसे सुलझेगा पीएम का डिग्री विवाद
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री विवाद को सुलझाने के लिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को डीयू कुलपति को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री डीयू से पढ़े हैं तो यह गर्व का विषय होना चाहिए। लेकिन, इसकी जानकारी नहीं देने से विश्वविद्यालय की साख गिर रही है।
उपमुख्यमंत्री ने लिखा है, दिल्ली सरकार चाहती है कि डीयू को लेकर जो विवाद उत्पन्न हुआ है, यह जल्द खत्म हो। ऐसे में अगले एक हफ्ते में कोई एक दिन तय कर लें। हम दोनो (कुलपति व शिक्षामंत्री) मिलकर प्रधानमंत्री की डिग्री से जुड़े दस्तावेज का अवलोकन आपके कमरे में ही कर लेंगे।
जो नतीजा निकलेगा, उसे संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर सबको बता देंगे। सभी दस्तावेज वेबसाइट पर डाल देंगे। अगर आपको लगता है कि प्रधानमंत्री को संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने में कोई आपत्ति होगी तो उनसे पत्र लिखकर अनुमति ले लीजिये। मुझे विश्वास है पीएम को कोई आपत्ति नहीं होगी। ये विवाद खत्म करने का सबसे सही रास्ता है।
पीएम की डिग्री के तथ्य क्यों छिपाए जा रहे हैं
पत्र के शुरुआत में सिसोदिया ने लिखा है, विश्वविद्यालय ने पीएम की डिग्री से जुड़े विवाद में जनता के बीच तथ्य रखने से मना कर दिया है, जिससे शक और गहरा रहा है।
दुनिया के तमाम विश्वविद्यालय राष्ट्रीय अध्यक्ष या ख्याति प्राप्त व्यक्ति के नाम का उल्लेख उपलब्धि के तौर पर करते हैं। लेकिन, जिस तरह से प्रधानमंत्री की डिग्री के संबंध में तथ्य छिपाया जा रहा है, इससे पूरे विश्व में गलत संकेत जा रहे हैं। विश्वविद्यालय की साख पर भी आंच आ रही है, जो नहीं आनी चाहिए।
मुख्यमंत्री का ट्वीट
शिक्षा मंत्री ने चिट्ठी में प्रधानमंत्री की डिग्री के विवाद को सुलझाने के लिए व्यवहारिक सुझाव दिया है।- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ट्वीट