28 लाख के कर्ज से बचने को कराया अपना ही अपहरण
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नोएडा में कमेटी के जरिये लाखों रुपये कमाने के झांसे में आकर कमेटी संचालक कर्ज में डूब गया। कर्ज के 28 लाख रुपये देने से बचने के लिए उसने अपने ही अपहरण की साजिश रच डाली।
यही नहीं उसने दो लोगों को फंसाने की भी कोशिश की जिनके सात लाख रुपये उस पर बाकी थे। फेज-3 पुलिस ने अपने अपहरण की साजिश रचने वाले शख्स को एफएनजी के पास से पकड़ लिया।
25 अक्तूबर को छिजारसी निवासी रानी ने पुलिस को बताया कि उसके पति कमलदीप उर्फ रामवरन का अपहरण हो गया है। कमलदीप लोगों का पैसा कमेटी के तहत लगाने का काम करता है।
ऐसे रची पूरी साजिश
26 अक्तूबर को रानी ने पुलिस के सामने खिचड़ीपुर दिल्ली के रहने वाले विकास और महेंद्र पर शक जाहिर किया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ और जांच पड़ताल की लेकिन विकास और महेंद्र पर आरोप सिद्ध नहीं हुए।
इसके बाद पुलिस ने कमलदीप के फोन नंबर की जांच शुरू की। जिसमें पता चला कि कमलदीप अपने मोबाइल पर एक अन्य नंबर इस्तेमाल कर रहा है। उसका लोकेशन रुद्रपुर, उत्तराखंड आ रहा था। पुलिस ने उसके नंबर पर फोन किया। लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इसी बीच मंगलवार रात को उसका लोकेशन गाजियाबाद मिलने लगा।
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से कमलदीप को एफएनजी से पकड़ लिया। वह कहीं बाहर भागने की फिराक में था। उसने पुलिस को बताया कि महेंद्र और विकास का उस पर सात लाख रुपया बकाया था।
इसी कारण वह दोनों को खुद के अपहरण में फंसाना चाहता था। उसने यह भी बताया कि कमेटी के नाम पर लिए पैसे उससे खर्च हो गए हैं। एसएचओ पंकज पंत ने बताया कि कमलदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।