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चार अस्पतालों के चक्कर काटने पर भी नहीं मिला इलाज, घायल कॉल सेंटर कर्मी ने रास्ते में ही दम तोड़ा
Wed, 16 Sep 2020 05:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 16 Sep 2020 05:53 AM IST
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पंकज के परिजन...
- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-31 पेट्रोल पंप के पास रोडरेज में स्कूटी सवार दो युवकों ने कॉलसेंटर कर्मी पंकज (28) और उसके सुपरवाइजर दोस्त अजय को बुरी तरह पीटा। आरोपियों ने पंकज के निजी अंगों पर वार किए। बेहोश हालत में उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया। वहां तड़के पेट में दर्द हुआ तो अजय उसे एक अन्य अस्पताल ले गया। यहां से डॉक्टरों ने उसे मेदांता रेफर कर दिया।
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मेदांता के डॉक्टरों ने इसे पुलिस केस बताते हुए इलाज से इनकार कर दिया और सेक्टर-10 के सिविल अस्पताल ले जाने को कहा। सिविल अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पंकज नौकरी की तलाश में 5 सितंबर को गुरुग्राम आया था और मंगलवार को उसे ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। पुलिस ने उसका मोबाइल कब्जे में लेकर जांच के लिए लैब में भेजा है।
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मूल रूप से महेंद्रगढ़ के कनीना निवासी अजय ने बताया कि वह राजीव नगर में रहता है और सेक्टर-10ए स्थित एक कंपनी में सुपरवाइजर है। 5 सितंबर को पंकज गुरुग्राम में नौकरी के लिए आया था। सोमवार रात एक फोन आने के बाद पंकज अजय को लेकर सेक्टर-31 से झाड़सा की तरफ किसी से मिलने जा रहा था। झाड़सा चौक पर पहुंचने से पहले ही उनकी बाइक बंद हो गई।
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पेट्रोल पंप पास होने के कारण उन्होंने बाइक को गलत दिशा में ही वापस सर्विस रोड पर मोड़ दिया और धक्का लगाते हुए पेट्रोल पंप की तरफ जाने लगे। इसी दौरान स्कूटी पर आए दो युवक रुके और पंकज को आशिक कहते हुए दोनों को पीटने लगे। बचने के लिए अजय पेट्रोल पंप की तरफ भागा, जबकि दोनों युवक पंकज को बुरी तरह पीटते रहे।
उन्होंने पंकज के निजी अंगों पर कई प्रहार किए, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद दोनों युवक स्कूटी से फरार हो गए। जाते हुए वे अजय की बाइक की चाबी भी ले गए। अजय ने पुलिस को बताया कि वह एक अन्य स्कूटी सवार की मदद से पंकज को अस्पताल ले गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घर भेज दिया। तड़के उसके पेट में दर्द उठा तो अजय उसे एक अन्य निजी अस्पताल में ले गया। यहां से उसे मेदांता रेफर कर दिया गया।
अजय उसे लेकर मेदांता पहुंचा तो डॉक्टरों ने पुलिस केस बताते हुए इलाज से इनकार कर दिया। उन्होंने उसे सिविल अस्पताल ले जाने को कहा। वहां पहुंचने से पहले ही के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उप निरीक्षक सुरजीत ने बताया कि अजय के बयान पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
मां से साझा की थी नौकरी मिलने की खुशी
पंकज के जीजा प्रदीप कुमार ने बताया कि पंकज पहले गुरुग्राम के कॉल सेंटर में नौकरी करता था। एक साल पहले उसकी नौकरी छूट गई थी, जिसके बाद वह वापस महेंद्रगढ़ आ गया था। अब दोबारा नौकरी के लिए वह 5 सितंबर को गुरुग्राम आया था। सोमवार रात करीब साढ़े 9 बजे पंकज का अपनी मां के पास फोन आया था। पंकज ने उन्हें बताया कि उसे एक कॉल सेंटर में नौकरी मिल गई है और मंगलवार से ड्यूटी ज्वाइन करनी है। इसे लेकर वह काफी खुश था।
कमरे में आई महिला पर भी शक की सुईं
अजय ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम उसके कमरे पर एक महिला आई थी। महिला ने पंकज से बात करने के लिए अजय को एटीएम से रुपये निकालने के बहाने बाहर भेज दिया था। रुपये निकालकर आने के बाद अजय पंकज और महिला को कमरे में अकेला छोड़कर छत पर चला गया। कुछ ही देर बाद पंकज छत पर आया और किसी व्यक्ति का फोन आने की बात कहकर अजय को साथ ले गया। पुलिस को शक है कि इसी महिला का हाथ वारदात में हो सकता है।