कचहरी हवालात में कैदी का धारदार हथियार से गला रेता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हापुड़ में पिछले वर्ष गांव कनिया कल्याणपुर में जमीनी रंजिश में हुई किसान की हत्या के मामले में आरोपी कैदी पर मंगलवार को कचहरी हवालात में दूसरे पक्ष के कैदियों ने हमला बोल दिया।
हवालात में ही किसी धारदार हथियार से कैदी की गर्दन पर वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। पुलिस ने घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस तीन आरोपियों से पूछताछ कर रही है। बड़ी बात है कि धारदार वस्तु बरामद नहीं हुई है।
पिछले वर्ष 22 मई को बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव कनिया कल्याणपुर में एक बीघा जमीन के विवाद को लेकर खूनी संघर्ष हुआ था। उसमें सतीश त्यागी उर्फ पिंटू की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही आनंद, सुबीश, पंकज, कुलदीप, सुरेंद्र, नितिन व प्रदीप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
जबकि कुछ दिन बाद दूसरे पक्ष ने जान से मारने के प्रयास के आरोप में मृतक पक्ष के सतेंद्र, ललित, सुशील, निशांत, नरेश, हरिओम, परम आदि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि इस पक्ष से कुछ लोगों की जमानत हो चुकी है।
मंगलवार को दोनों पक्षों की हापुड़ कचहरी में सुनवाई थी। हत्या के आरोपी कुलदीप त्यागी (32)पुत्र सेवाराम, धीरेंद्र, नितिन और प्रदीप को कचहरी लाकर हवालात में बंद कर दिया गया। जबकि दूसरी वैन से दूसरे पक्ष के सुनील त्यागी, निशांत और ललित भी सुनवाई के लिए हवालात पहुंचे।
आरोप है कि हवालात में तीनों ने मिलकर कुलदीप को दबोच लिया और किसी धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। हवालात में शोर सुनकर बाहर मौजूद पुलिसकर्मी अंदर पहुंचे और घायल को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां उसकी हालत गंभीर बतायी जा रही है। उधर, पुलिस तीनों आरोपियों सुनील, निशांत और ललित निवासी कनिया कल्याणपुर को लेकर थाने आ गई। मामले की जांच की जा रही है। उधर, आरोपी पक्ष के लोगों ने कहना है कि तीनों आरोपियों की हाईकोर्ट से जमानत हो चुकी है। उनकी जमानत खारिज हो जाए, इसे लेकर खुद को घायल कर षड्यंत्र रचा गया है।
सीओ राजेश कुमार का कहना है कि धारदार वस्तु अभी बरामद नहीं हुई है। लेकिन हवालात में धारदार वस्तु कैसे पहुंची इसकी जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।