नोएडा: एक कार को ओएलएक्स पर 12 बार बेचने वाला गिरफ्तार, ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
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बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपी का एक साथी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि आरोपी मूल रूप से ग्राम देहरी गुर्जर थाना आदमपुर जिला अमरोहा का रहने वाला है।
उसके पास से फर्जी नंबर प्लेट लगी वैगनआर, दो मोबाइल, फर्जी पैन व आधार कार्ड और 10 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दोस्त अंकुर त्यागी की कार को ओएलएक्स पर 12 बार बेच चुका है।
एसीपी ने बताया कि आरोपी अगस्त में जमानत पर उत्तराखंड जेल से बाहर आया था। वहां भी धोखाधड़ी के मामले में जेल गया था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई मुकदमे दर्ज हैं। सेक्टर-39 कोतवाली क्षेत्र में हत्या और डकैती का भी केस दर्ज है।
ऐसे करता था फर्जीवाड़ा
एसीपी ने बताया कि आरोपी दोस्त की कार को बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन डालता था। इसके बाद करीब डेढ़ लाख रुपये में कार बेच देता था। कार बेचने से पहले आरोपी उसकी डुप्लीकेट चाबी बनाकर रख लेता था और कार में जीपीएस लगा देता था।
कार बेचने के बाद ही वह जीपीएस से उस पर नजर रखता था और एक सप्ताह के अंदर ही वह डुप्लीकेट चाबी के माध्यम से कार चुरा लेता था। इसके बाद फिर से ओएलएक्स पर विज्ञापन डालकर कार बेच देता था। इस तरह से उसने एक ही कार को 12 बार बेचा और चुरा लिया।
इस तरह पकड़ में आया
सोरखा निवासी जीते यादव सेक्टर-12 में कारों की खरीद-फरोख्त करते हैं। दो महीने पहले आरोपी मनु ने 2.70 लाख रुपये में एक स्विफ्ट बेची थी, लेकिन कार उनके नाम ट्रांसफर नहीं की थी। इस दौरान उसने इसी कार को बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन डाल दिया।
जीते यादव ने जब ओएलएक्स पर कार के विज्ञापन को देखा तो मनु से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन नहीं हो सका। इसके बाद फर्जीवाड़े की आशंका पर उसने सेक्टर-24 कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया। इसके बाद पुलिस की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर फर्जीवाड़े का खुलासा किया।
ओएलएक्स पर एक कार को कई बार बेचने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह में शामिल अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है और इसके नेटवर्क के बारे में पता किया जा रहा है।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी, नोएडा