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Delhi NCR News: हिमाचल से दिल्ली एनसीआर तक फैला मलाणा चरस सिंडिकेट, आपूर्तिकर्ता समेत पांच गिरफ्तार
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-पूर्वी जिला पुलिस ने गाजीपुर से दो आरोपी को पकड़ा, बाद में तीन अन्य की हुई गिरफ्तारी, 480.4 ग्राम चरस बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी जिला पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के गांव मलाणा से दिल्ली-एनसीआर में मलाणा चरस की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक गेस्ट हाउस का मालिक जबकि दूसरा आपूर्तिकर्ता है। पुलिस ने इनके कब्जे से 480.4 ग्राम चरस बरामद की है। साथ ही सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।
जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ स्पेशल स्टाफ की टीम लगातार संदिग्ध अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्कों पर नजर रख रहा था। निरीक्षक जितेंद्र मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम 9 अप्रैल को गाजीपुर इलाके में गश्त कर रही थी। पुलिस ने दो लोगों को संदिग्ध रूप से घूमते हुए देख तो पकड़ लिया। उनके पास से 115 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपियों की पहचान शुभम जैन और राहुल कुमार के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान एक बड़े अंतरराज्यीय आपूर्ति नेटवर्क के बारे में पुलिस को जानकारी मिली। जिनकी निशानदेही पर आरोपी विशाल भारद्वाज को 18 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 101.4 ग्राम मलाणा चरस बरामद हुई। पुलिस ने गुरुग्राम स्थित उसके ठिकाने पर दबिश देकर 264 ग्राम चरस और बरामद की।
पूछताछ में पता चला कि चरस की आपूर्ति का मुख्य स्रोत उमेश है, जो हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के गांव मलाणा का रहने वाला है। स्पेशल स्टाफ की टीम ने हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर उमेश को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ में हरदीप की भूमिका भी सामने आई, जो मलाणा से दिल्ली तक चरस की खेप पहुंचाने में कूरियर का काम करता था। हरदीप पहले से ही एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में था। पुलिस ने औपचारिक रूप से उसे गिरफ्तार कर लिया।
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गेस्ट हाउस का मालिक चला रहा था सिंडिकेट
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार शुभम जैन लोनी (यूपी) का रहने वाला है। वह एक गेस्ट हाउस का मालिक है। वह दिल्ली-एनसीआर में चरस की खरीद और वितरण का काम करता था। पुलिस के मुताबिक राहुल कुमार बागपत (यूपी) का रहने वाला है और गेस्ट हाउस का कर्मचारी है व चरस वितरण में शुभम का सहयोग करता है। विशाल भारद्वाज खरखौदा हरियाणा का रहने वाला है और कैफे मालिक है। वह हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में चरस का सक्रिय आपूर्तिकर्ता और संचालक का काम करता था। उमेश गांव मलाणा, कुल्लू हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है। वह पेशे से किसान है और प्रतिबंधित सामग्री का आपूर्तिकर्ता का काम करता था। वहीं हरदीप जगतपुर का रहने वाला है। वह पेशे से बस कंडक्टर था और मलाणा से दिल्ली तक चरस पहुंचाने में कूरियर का काम करता था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी जिला पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के गांव मलाणा से दिल्ली-एनसीआर में मलाणा चरस की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक गेस्ट हाउस का मालिक जबकि दूसरा आपूर्तिकर्ता है। पुलिस ने इनके कब्जे से 480.4 ग्राम चरस बरामद की है। साथ ही सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।
जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ स्पेशल स्टाफ की टीम लगातार संदिग्ध अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्कों पर नजर रख रहा था। निरीक्षक जितेंद्र मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम 9 अप्रैल को गाजीपुर इलाके में गश्त कर रही थी। पुलिस ने दो लोगों को संदिग्ध रूप से घूमते हुए देख तो पकड़ लिया। उनके पास से 115 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपियों की पहचान शुभम जैन और राहुल कुमार के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान एक बड़े अंतरराज्यीय आपूर्ति नेटवर्क के बारे में पुलिस को जानकारी मिली। जिनकी निशानदेही पर आरोपी विशाल भारद्वाज को 18 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 101.4 ग्राम मलाणा चरस बरामद हुई। पुलिस ने गुरुग्राम स्थित उसके ठिकाने पर दबिश देकर 264 ग्राम चरस और बरामद की।
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पूछताछ में पता चला कि चरस की आपूर्ति का मुख्य स्रोत उमेश है, जो हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के गांव मलाणा का रहने वाला है। स्पेशल स्टाफ की टीम ने हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर उमेश को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ में हरदीप की भूमिका भी सामने आई, जो मलाणा से दिल्ली तक चरस की खेप पहुंचाने में कूरियर का काम करता था। हरदीप पहले से ही एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में था। पुलिस ने औपचारिक रूप से उसे गिरफ्तार कर लिया।
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गेस्ट हाउस का मालिक चला रहा था सिंडिकेट
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार शुभम जैन लोनी (यूपी) का रहने वाला है। वह एक गेस्ट हाउस का मालिक है। वह दिल्ली-एनसीआर में चरस की खरीद और वितरण का काम करता था। पुलिस के मुताबिक राहुल कुमार बागपत (यूपी) का रहने वाला है और गेस्ट हाउस का कर्मचारी है व चरस वितरण में शुभम का सहयोग करता है। विशाल भारद्वाज खरखौदा हरियाणा का रहने वाला है और कैफे मालिक है। वह हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में चरस का सक्रिय आपूर्तिकर्ता और संचालक का काम करता था। उमेश गांव मलाणा, कुल्लू हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है। वह पेशे से किसान है और प्रतिबंधित सामग्री का आपूर्तिकर्ता का काम करता था। वहीं हरदीप जगतपुर का रहने वाला है। वह पेशे से बस कंडक्टर था और मलाणा से दिल्ली तक चरस पहुंचाने में कूरियर का काम करता था।