ग्रेटर नोएडा में मकान बनाना हुआ महंगा, ये हैं कारण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा में शहर में मकान बनाने के लिए अब आपको लेबर टैक्स भी चुकाना पड़ेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस संबंध में नया नियम बनाया है। इसके तहत घर बनाने से पहले श्रम विभाग से एनओसी लेनी होगी।
इस दायरे में छोटे से लेकर बड़े वर्ग के सभी आवंटी आएंगे। नया नियम पिछले दिनों लागू हुआ है। इसके तहत घर बनाना अब महंगा हो गया है। साथ ही लोगों को नोएडा स्थित श्रम विभाग दफ्तर में भाग दौड़ करनी पडे़गी।
ग्रेटर नोएडा में सबसे छोटे 30 वर्ग मीटर से लेकर 500 वर्ग मीटर तक सभी कैटेगिरी के प्लॉट पर घर बनाने के लिए निर्धारित रकम के तहत टैक्स चुकाना होगा। एडवोकेट दीपक भाटी ने इस संबंध में श्रम विभाग में आरटीआई डालकर नए नियम को लागू करने संबंधित जानकारी भी मांगी है। उन्होंने पूछा है कि किस तरह 120 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर निर्धारित की गई है।
श्रम विभाग कराएगा मजदूरों का बीमा
नए प्रावधान के बाद अब प्राधिकरण के नियोजन विभाग से घर का कंप्लीशन तभी मिलेगा, जब श्रम विभाग की एनओसी पेश की जाएगी। कंस्ट्रक्शन करने वाली कंपनियां भी इस नए प्रावधान और नियम के दायरे में होंगी, जिसके तहत इन कंपनियों को श्रम विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
अगर ठेकेदार अपनी फर्म को श्रम विभाग में रजिस्टर्ड नहीं कराएगा तो वह ठेके नहीं ले पाएगा। ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ हरीश कुमार वर्मा के मुताबिक, श्रमिकों को लाभ देने के लिए यह नियम बनाया गया है।
मजदूरों को कराना होगा रजिस्ट्रेशन
घर बनाने वाले मजदूर अब सीधे काम नहीं कर पाएंगे। इन्हें रजिस्ट्रेशन कराने वाली कंपनियों के साथ काम करना होगा। अधिकारियों की माने तो जिले में विकास तेजी से हो रहा है और काफी बड़ी संख्या में भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें अकसर मजदूर किसी न किसी तरह हादसे का शिकार हो जाते हैं।
श्रम विभाग ने हादसे के बाद मजदूर के परिवार को लाभ देने के लिए यह नियम बनाया है, लेकिन जो मजदूर अपने आप को रजिस्टर्ड नहीं कराएगा उसके परिवार को बीमे का यह लाभ नहीं मिल पाएगा। श्रम विभाग इस टैक्स से मजदूरों का बीमा कराएगा, जिससे उनके परिवार को कुछ आर्थिक मदद दी जा सकेगी।