{"_id":"5ea444ca8ebc3e908b25fc75","slug":"make-arogya-setu-app-mandatory-to-enter-capital-delhi-govt-suggested-in-covid-19-review-meeting","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में प्रवेश के लिए मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य हो, समीक्षा बैठक में सरकार को मिला सुझाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली में प्रवेश के लिए मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य हो, समीक्षा बैठक में सरकार को मिला सुझाव
Sat, 25 Apr 2020 07:50 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 25 Apr 2020 07:50 PM IST
विज्ञापन
आरोग्य सेतु ऐप
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च किए गए आरोग्य सेतु ऐप को जल्द ही दिल्ली में प्रवेश के लिए अनिवार्य किया जा सकता है। शुक्रवार को कोरोना महामारी पर उपराज्यपाल अनिल बैजल की समीक्षा बैठक में इसपर चर्चा हुई।
विज्ञापन
बैठक में नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के डायरेक्टर डॉ. सुरजीत कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार को लोगों को राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति तभी देनी चाहिए, जब उन्होंने अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल किया हो।
विज्ञापन
उन्होंने दिल्ली में अधिक से अधिक लोगों की जांच कराने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही डॉ. सुरजीत ने हर तीसरे, पांचवें और 14वें दिन रैपिड टेस्टिंग भी कराने के सुझाव दिए।
विज्ञापन
इस दौरान उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बड़े कंटेनमेंट जोन के अंदर आने वाले सेफ जोन को चिन्हित करने का निर्णय लिया, ताकि इन इलाकों में कोरोना संक्रमण को अंदर ही अंदर फैलने से रोका जा सके।
हालांकि दिल्ली सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप से संबंधित सुझाव पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि लाखों लोग ऐसे हो सकते हैं जो स्मार्टफोन का प्रयोग न करते हों। ऐसे में दिल्ली की सीमा में उनके प्रवेश के लिए क्या प्रावधान होंगे।
शुक्रवार शाम तक केवल 7.5 करोड़ लोगों ने इस ऐप को डाउनलोड किया था। अब दिल्ली सरकार इसके सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही किसी निर्णय पर आएगी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार लोगों से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने का आग्रह करते नजर आए हैं। शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ग्राम प्रधानों से बातचीत के दौरान भी पीएम मोदी ने इसपर जोर दिया था।