अब 'हलाहल' से कम नहीं दिल्ली-एनसीआर की हवा, तीन साल में सबसे खराब, प्रदूषण मापने वाली मशीनें फेल
- बूंदाबादी के बाद भी सांस लेना मुश्किल हुआ, स्मॉग, काली हवा व धुंध की चादर में लिपटा एनसीआर।
- दिल्ली में कई स्थानों पर वायु गुणवत्ता हजार के आसपास, गाजियाबाद की हालत नाजुक।
- दिल्ली के बाद अब नोएडा के स्कूल पांच नवंबर तक बंद, हवाई और ट्रेन सेवाओं पर असर।
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विस्तार
दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 1200 के स्तर को भी पार कर गया है। मानो हवा में हलाहल (हिंदू मान्यताओं के मुताबिक समुद्र मंथन के समय निकला विष या जहर) घुल गया हो। रविवार सुबह हुई हल्की बारिश से लोगों को उम्मीद थी कि अब वायु प्रदूषण से राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) राष्ट्रीय राजधानी का औसतन 24 घंटे में एयर क्वालिटी इंडेक्स रविवार शाम 4 बजे तक 494 रहा। 6 नवंबर, 2016 के बाद यह सबसे खराब स्थिति है। तब यह 497 तक पहुंच गया था। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक सात नवंबर से पहले स्थिति में सुधार होने की संभावना कम है। चक्रवात 'महा' की वजह से 7 और 8 नवंबर को बारिश के आसार हैं। उम्मीद है कि बारिश से प्रदूषण धुलेगा।
वहीं गाजियाबाद में एक्यूआई 1241 पर पहुंच गया है, जबकि दिल्ली के अलीपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 900, नरेल में 986, आनंद विहार में 979 पहुंच गया है। जिससे प्रदूषण मापक मशीनें फेल हो गईं। जानकारों के मुताबिक शहर में एक्यूआई मापने के लिए लगाई गई मशीनें अधिकतम 500 का स्तर तक माप सकती हैं। इससे ज्यादा होने पर इसका अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। शाम सात बजे तक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता को मापने के लिए लगाए गए सेंसर स्टेशनों में से 37 पर एक्यूआई 490 से 500 के बीच रहा। फरीदाबाद (493), नोएडा(494), गाजियाबाद (499), ग्रेटर नोएडा (488) और गुरुग्राम (479) में भी यही स्थिति रही।

14 गुना ज्यादा खतरनाक
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के एयर क्वालिटी मॉनिटर सफर ने पूरी दिल्ली का एक्यूआई जारी किया, जो शाम पांच बजे तक 708 था। यह 0-50 के सुरक्षित स्तर से 14 गुना ज्यादा खतरनाक है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 0-50 के बीच ‘बेहतर’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। वहीं, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।नासा ने जारी की तस्वीरें
नासा द्वारा ली गई सेटेलाइट तस्वीरों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल धुंध की चादर में लिपटे दिख रहे हैं। दरअसल, शनिवार की शाम से हल्की हवा चल रही है। ऐसे में जिन राज्यों में पराली जलाई जा रही है, उसका धुआं दिल्ली-एनसीआर में पहुंच गया है। माना जा रहा है कि अगर हवा 15 किलोमीटर की रफ्तार से भी चलती रही तो अगले दो से तीन दिन में दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा में सुधार आ जाएगा। अचानक दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ने की वजह तेज हवा चलना माना जा रहा है।
बारिश से उम्मीदें
मौसम विभाग के अनुसार रविवार सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्ष आर्द्रता 85 प्रतिशत दर्ज की गई। दिन में बादल छाए रहने और बाद में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आस पास बने रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को दिन में तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है जिससे धुंध से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।मौसम कार्यालय ने कहा कि चक्रवात ‘महा’ और ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सात और आठ नवंबर को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में छिटपुट स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।उन्होंने कहा, हालांकि हल्की बारिश होगी लेकिन यह पराली जलाने के प्रभाव को कम करने के संदर्भ में महत्वपूर्ण होगी और प्रदूषकों को भी दूर करेगी।
Delhi: Major pollutants PM 2.5 at 500 & PM 10 at 500, remain in 'severe' category in Lodhi Road area, according to Air Quality Index (AQI) data. pic.twitter.com/VjVsJd1hYU
— ANI (@ANI) November 3, 2019