फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   mahesh giri on dharna outside kejriwal house

केजरीवाल के घर के बाहर अन्न-जल त्यागकर बैठे भाजपा सांसद

Sun, 19 Jun 2016 09:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 19 Jun 2016 09:14 PM IST
विज्ञापन
mahesh giri on dharna outside kejriwal house
महेश गिरि - फोटो : ANI

एनडीएमसी अधिकारी एमएम खान हत्याकांड में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा लगाए आरोप पर सांसद महेश गिरी उनका खुली बहस को लेकर इंतजार करते रहे। मुख्यमंत्री के नहीं आने पर महेश गिरी ने शाम को उनके निवास पर धरना देकर अन्न व जल त्याग दिया।

विज्ञापन


उनका कहना है कि केजरीवाल आरोप साबित करें या फिर माफी मांगकर त्यागपत्र दें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे धरने पर ही बैठे रहेंगे और अपने ऊपर लगे कलंक को खत्म कर ही यहां से उठेंगे।
विज्ञापन


धरना देने के पहले गिरी ने दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में इस मुद्दे पर खुली बहस के लिए केजरीवाल को आमंत्रित किया था। एक घंटे इंतजार के बाद जब केजरीवाल वहां नहीं पहुंचे तो गिरी रविवार शाम पांच बजे अपने समर्थकों के साथ उनके निवास पहुंच गए और समर्थकों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

जबतक माफी नहीं मांगते तब तक धरना जारी रहेगा

mahesh giri on dharna outside kejriwal house
भाजपा सांसद धरने पर - फोटो : ANI

यहां उन्होंने कहा कि जब तक केजरीवाल हमारे ऊपर लगाए गए कलंक पर माफी नहीं मांगते, तब तक धरना जारी रहेगा। योगी हूं, महात्मा गांधी के सिखाए रास्ते पर चलने वाला हूं।

उन्होंने कहा कि खुली बहस के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, समाचार पत्रों एवं होर्डिंग आदि के माध्यम से खुले मंच पर आमंत्रित किया, लेकिन ना ही केजरीवाल पहुंचे और ना ही उनका कोई प्रतिनिधि आया।

उन्होंने जनता से अपील की कि झूठे को आइना दिखाना बेहद जरूरी है। महेश गिरी ने यह भी संदेह जताया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े लोग उनके बहस के कार्यक्रम व धरना में हंगामा कर सकते हैं।

केजरीवाल नाकामयाबी छुपाने की कोशिश कर रहे हैं

mahesh giri on dharna outside kejriwal house

गिरी ने खुला पत्र लिखकर कहा कि केजरीवाल झूठ की बुनियाद पर अपनी नाकामयाबी छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने एक बयान में कहा है कि हर मुद्दे पर सार्वजनिक बहस को बढ़ावा देने की बात करने वाले मुख्यमंत्री बहस से बचकर भाग रहे हैं।

इससे यह स्पष्ट है कि सांसद महेश गिरी पर लगाए गए आरोप अनर्गल, निराधार और उनकी राजनीतिक छवि को कलंकित करने के लिए था। उल्लेखनीय है कि एमएम खान हत्याकांड मामले में आम आदमी पार्टी ने भाजपा सांसद महेश गिरी की भूमिका पर सवाल उठाए थे।

इसी के जवाब में गिरी ने उन्हें बहस की चुनौती दी है और धरने पर बैठे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed