आज से दिल्ली में कहीं नहीं मिलेगी आपको मैगी
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बुधवार को दिल्ली सरकार और स्वास्थ मंत्रालय के बीच हुई बातचीत के बाद दिल्ली में अगले 15 दिनों के लिए मैगी की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
दिल्ली के स्वास्थ मंत्री ने कहा कि नैस्ले कंपनी को 15 दिन का समय दिया गया है जिससे कि वह अपने मौजूदा स्टॉक को बाजार से हटा सकें।
दिल्ली के स्वास्थ मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि हमने उन्हें 15 दिन का समय दिया है ताकि वह अपने मौजूदा स्टॉक को बाजार से हटा सकें। 15 दिन बाद एक बार फिर से इस प्रोडक्ट की जांच की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि मैगी के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी और जिसमें भी किसी तरह की मिलावट पाई जाएगी उसे बैन किया जाएगा।
हालांकि मंत्री ने कहा कि बुधवार को सुबह नैस्ले कंपनी के प्रतिनिधि ने सरकार के सामने अपने प्रजेंटेशन में कहा कि उनके उत्पाद में लेड की उतनी ही मात्रा है जितनी होनी चाहिए। लेकिन सरकार ने इसे मानने से इनकार कर दिया क्योंकि सरकारी लैब में मैगी में लेड की जरूरत से ज्यादा मात्रा पाई गई थी।
केंद्रीय भंडारों से हटाया गया मैगी का भंडार
इससे पहले मैगी मामले पर नैस्ले के अधिकारियों ने आज दिल्ली सरकार से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। लगभग 30 मिनट तक चली मीटिंग के खत्म होने के बाद नैस्ले इंडिया के प्रतिनिधि संजय खजूरिया ने मीडिया को बताया, 'हमने दिल्ली सरकार के मंत्री से मुलाकात कर अपना प्रजेंटशन पेश किया है।
अब मंत्रालय इस पर विचार करेगा। उधर दिल्ली में 13 में से 10 सैंपल के संदिग्ध पाए जाने के बाद बिग बाजार ने फैसला किया है कि वह दिल्ली में मैगी की बिक्री नहीं करेगा।
साथ ही दिल्ली के केंद्रीय भंडार के अधिकारी चंद्रपाल यादव ने कहा है कि उन्हें यह मौखिक आदेश दिया गया है कि अगले आदेश तक मैगी के सारे स्टॉक को केंद्रीय भंडारों से हटा लिया जाए। सूत्रों के मानें तो नेस्ले का पक्ष सुनने के बाद आज शाम तक दिल्ली सरकार इस बारे में अपने फैसले की घोषण कर सकती है।
दिल्ली में भी मैगी के नमूने फेल
बता दें कि सेहत की कसौटी पर नाकाम मैगी को लेकर देशभर में उबाल है। सैंपल फेल होने के बाद मंगलवार को दिल्ली सरकार ने मैगी को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित करार दे दिया था।
वहीं इस मामले में उत्पाद का प्रचार करने वाले सितारों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। असल में ग्लोबल फूड प्रोसेसिंग कंपनी नैस्ले की 'मैगी' जरूरी खाद्य मानकों पर राजधानी में बुरी तरह से फेल हो गई है।
शिकायतों के बाद पिछले हफ्ते दिल्ली में मैगी का लैब टेस्ट किया गया जिसमें यह सेहत के लिए हानिकारक पाई गई। दिल्ली के स्वास्थ मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि हमनें मैगी के 13 सैंपल की जांच की जिनमें से 10 में लेड की मात्रा ज्यादा पाई गई है।
जरूरत से ज्यादा मात्रा लेड में पाए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने नैस्ले के खिलाफ केस करने का फैसला किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा है सरकार इस तरह मामलों से निपटने के लिए अलग कानून बनाने पर विचार कर रही है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार नैस्ले को समन भी भेज सकती है।
दिल्ली में लग सकती है बिक्री पर रोक
दिल्ली सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि जांच के लिए उठाए गए मैगी के 13 नमूनों में से 10 फेल हो गए हैं। मैगी में लेड (सीसा) की मात्रा जरूरत से ज्यादा पाई गई है। सरकार के मुताबिक, दिक्कत नूडल्स में नहीं है।
मसाले में फैट और सोडियम क्लोराइड की मात्रा अधिक मिली है। आने वाले कुछ दिनों में नेस्ले इंडिया के अधिकारियों को समन जारी किया जाएगा।
अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद केस दर्ज कराने के साथ मैगी की बिक्री पर रोक भी लगाई जा सकती है। मैगी के लिए अगली मुश्किल बिहार से खड़ी हुई है।
मैगी पर देशभर में उठ रही उंगलियों के बीच नेस्ले इंडिया ने सफाई पेश की है। कंपनी का दावा है कि उसने बाहर की एक लैब के साथ खुद भी मैगी की जांच की थी।
यह खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। मुजफ्फरपुर की अदालत ने अमिताभ, माधुरी और प्रीति के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया।
और कहां-कहां संदिग्ध मिले मैगी के नमूने...
अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा के परिवाद पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मैगी का प्रचार कर रहीं या कर चुकीं तीनों बॉलीवुड हस्तियों और नेस्ले के प्रबंध निदेशक मोहन गुप्ता, संयुक्त निदेशक शबाब आलम और कंपनी के मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी, स्वास्थ्य के लिए हानिकर खाद्य पदार्थ बेचने समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
दूसरी ओर बरेली में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मंगलवार को मैगी के आठ नमूने लिए। गुजरात में भी अहमदाबाद, सूरत और राजकोट समेत पूरे राज्य से 39 नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए।
खाद्य एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त एचजी कोशिया के अनुसार इस हफ्ते के अंत तक जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। केरल के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने मैगी की गुणवत्ता को लेकर स्थिति साफ होने तक सरकारी दुकानों से उत्पाद की बिक्री रोकने को कहा है।
पश्चिम बंगाल के खाद्य विभाग ने मैगी पर चल रहे विवाद को लेकर बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। हरियाणा और कर्नाटक सरकार ने प्रदेश भर से मैगी के सैंपल लेने का आदेश दिया है।
घट गई है मैगी की बिक्री
मैगी विवाद का असर इसकी ब्रिकी पर भी पड़ा है। देशभर में मैगी की मांग एकदम से कम हो गई है। बड़े शहरों में इसका ज्यादा प्रभाव देखा जा रहा है।
बाजार से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में मेट्रो शहरों में मैगी की बिक्री में 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। कोलकाता में तो 30 फीसदी तक व्यापार प्रभावित हुआ है।
कंपनी के लिए आने वाले दिनों में भी इससे उबर पाना मुश्किल होगा क्योंकि मामला बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को दिल्ली में सैंपल फेल होने की खबर आने के बाद ब्रिकी पर और असर पड़ सकता है।