{"_id":"9b934f0a161c107d841bd4ce94a05b0d","slug":"lunar-eclipse-seemingly-not-open-before-sutk-temple-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंद्रग्रहण से पूर्व सूतक लगने से नहीं खुले मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंद्रग्रहण से पूर्व सूतक लगने से नहीं खुले मंदिर
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 09 Oct 2014 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंद्रग्रहण की वजह से बुधवार को सुबह साढ़े पांच बजे से ही बंद मंदिरों के कपाट शाम सवा छह बजे खुले। इसके बाद लोगों ने मंदिर में पहुंच कर पूजा अर्चना की।
विज्ञापन
ग्रहण से पूर्व लगे सूतक की वजह से सुबह 5.44 मिनट से ही सभी मंदिरों के पट बंद हो गए थे। शाम को ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की साफ-सफाई के बाद भक्तों के लिए पट खोले गए। मंदिरों के द्वार खुलने के बाद शाम की पूजा अर्चना व आरती संपन्न हुई।
विज्ञापन
दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरि ने बताया कि सुबह की आरती के बाद मंदिर का पट बंद कर दिया गया था। इस बीच मंदिर में पूजा अर्चना व भजन कीर्तन चलता रहा।
विज्ञापन
शाम को 6.06 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद भक्तों के लिए मंदिर के पट खोले गए। दिल्ली गेट देवी मंदिर के पंडित रामभजन मिश्र ने बताया कि शाम को सवा छह बजे मंदिर का द्वार खोल दिया गया था। उन्होंने बताया कि जब तक ग्रहण था तब तक मंदिर में दुर्गा सप्तशती व सुंदर कांड का पाठ किया गया।
यह था ग्रहण का समय
चंद्रग्रहण का समय : दोपहर 2.44 से शुरू होकर 6.06 बजे दिल्ली एनसीआर में 5.58 से 6.06 बजे तक
सूतक: सुबह 5.44 बजे से शाम 6.06 बजे तक