दिल्ली मेट्रो : 15 किलो से भारी बैग को नो एंट्री, इन स्टेशनों पर ये नियम लागू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आप मेट्रो से सफर करते हैं तो अब 15 किलो या उससे ज्यादा वजन के सामान के साथ यात्रा नहीं कर सकेंगे। दिल्ली मेट्रो ने फिलहाल ट्रायल के तौर पर पांच मेट्रो स्टेशन आनंद विहार, चांदनी चौक, शाहदरा, कश्मीरी गेट और बाराखंभा स्टेशन से इसकी शुरुआत की है। यह नियम सफल रहा तो इसे सभी मेट्रो स्टेशनों पर लागू किया जाएगा।
यात्रियों के सिर्फ सामान का वजन ही नहीं उसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई का पैमान भी तय किया है। सामान 15 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। लगेज की लंबाई 60 सेंटीमीटर, चौड़ाई 45 सेंटीमीटर और ऊंचाई 25 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होना चाहिए।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआईएसएफ) ने पांच स्टेशनों पर स्कैनर के साथ स्टील रॉड की बैरीकेडिंग भी लगा दी है ताकि तय पैमाने पर नहीं आने वाले बैग अंदर ना जा सके। सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक फिलहाल यह व्यवस्था ट्रायल रन पर है।
इसे आने वाले समय में सभी स्टेशनों पर लागू किया जाएगा। उससे पहले हम यात्रियों का फीडबैक लेकर उसका अध्ययन करेंगे। उसके आधार पर इसे आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा। नया नियम लागू करने के पीछे मुख्य कारण सुरक्षा अधिकारी खराब हो रहे स्कैनर को बता रहे हैं।
भारी सामान परिवहन से दो समस्याएं
सीआईएसएफ अधिकारियों के मुताबिक भारी सामान परिवहन से दो तरह की समस्या आ रही है। पहला बड़े इंटरचेंज स्टेशन जैसे चांदनी चौक और कश्मीरी गेट पर सिक्योरिटी चेक पर सामान जांच कराने वालों की लंबी लाइन लगी रहती है।
इसके चलते वहां सुरक्षा जांच करना मुश्किल काम होता है। दूसरा स्कैनर मशीन आए दिन खराब हो रही है। स्कैनर मशीन खराब होने पर सीआईएसएफ कर्मी खुद बैग की जांच करते है। इससे लंबी लाइन लगने के साथ कई बार बड़े सामान के साथ खतरे वाला सामान भी अंदर जाने की आशंका बनी रहती है।
स्टेशन जाने वालों की बढ़ेगी मुश्किल
मेट्रो में सामान का साइज छोटा करने के लिए जिन पांच स्टेशनों पर ट्रायल रन शुरू हुआ है वहां से तीन रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस अड्डा जुड़ता है। इससे उन यात्रियों को नुकसान होगा जो रेल से सफर करने के लिए मेट्रो से स्टेशन जा रहे है।
मेट्रो यात्री दिनेश कुमार के मुताबिक यात्रा के दौरान लोगों के पास ज्यादा सामान होते हैं। कई बार यह बड़े साइज के भी होते हैं। ऐसे में अब यात्री स्टेशन या एयरपोर्ट जाना चाहे तो वह मेट्रो का प्रयोग ना करे। उसे दूसरे साधनों का प्रयोग करना पड़ेगा।