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एसटीएफ ने नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा, 36 गिरफ्तार, लकी ड्रॉ के नाम पर देते थे झांसा
Fri, 14 Dec 2018 08:38 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 14 Dec 2018 08:38 PM IST
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फेक कॉल सेंटर चलाने वाले अपराधी
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ एसटीएफ ने नोएडा के सेक्टर-10 में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया। कॉल सेंटर कर्मचारी लकी ड्रॉ निकलने का झांसा देकर लोगों से पैसे की ठगी करते थे। एसटीएफ की टीम ने 36 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन कॉल सेंटर संचालक को जेल भेज दिया गया और 33 टेलीकॉलर को थाने से मुचलके भरवा कर जमानत दे दी गई।
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एसटीएफ, लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह ने बताया बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र श्रद्घेय सिंह ने 12 अक्टूबर को वाराणसी के लंका थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। श्रद्घेय को ठगों ने बताया था कि उसके पांच लाख रुपये व लैपटॉप लकी ड्रॉ में निकला है। इसका झांसा देकर ठगों ने 48 हजार रुपये यूपीआई एप के माध्यम से ट्रांसफर करा लिए थे। आरोपी ने खुद को ऑनलाइन शॉपिंग एप का कर्मचारी बताया था। इसके बाद इसकी जांच एसटीएफ को दी गई थी।
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जांच के बाद एसटीएफ की टीम ने नोएडा के सेक्टर-10 स्थित कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 36 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें न्यू अशोक नगर दिल्ली निवासी दिलीप कुमार, भदोही निवासी अखिलेश कुमार, जौनपुर निवासी कमलेश कुमार मुख्य आरोपी हैं। शेष 33 लोग टेली कॉलर हैं। एसटीएफ ने इन 33 टेलीकॉलर को थाने से मुचलके पर छोड़ दिया। तीनों मुख्य आरोपियों को जेल भेज दिया।
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हर दिन 50 हजार से अधिक की कमाई एसटीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक ये कॉल सेंटर कई सालों से लोगों से ठग रहे थे। एक अनुमान के मुताबिक यहां रोजाना पचास हजार रुपये से अधिक की कमाई थी। टेली कॉलरों को भी 15 हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक प्रतिमाह तनख्वाह देते थे।
ऐसे करते थे ठगी
ये आरोपी लोगों को फोन करते थे। उन्हें बताते थे कि ये ऑनलाइन कंपनी से बोल रहे हैं और उनका लकी ड्रॉ निकला है। इसके अलावा बीमा पॉलिसी में अधिक बोनस देने, मोबाइल, लैपटॉप खरीदने पर अधिक छूट देने के नाम पर झांसे में लेते थे। ये आरोपी कई कंपनियों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवा रखे हैं। कई खाते किराए पर भी ले रखे हैं। झांसे में लेने के बाद आरोपी एप के जरिये अपने खाते में पैसे ट्रांसफर करा लेते थे। इनलोगों ने देश भर के लोगों से ठगी की है।