फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   LTTE still a threat to India, High Court approves the decision to extend the ban by five years

LTTE ban : लिट्टे अब भी भारत के लिए खतरा, हाईकोर्ट ने पाबंदी पांच वर्ष बढ़ाने के फैसले पर लगाई मुहर

Sun, 08 Dec 2024 05:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 08 Dec 2024 05:59 AM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने साथ ही कहा कि यह समूह अब भी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बना हुआ है और भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त है।

विज्ञापन
LTTE still a threat to India, High Court approves the decision to extend the ban by five years
Delhi High Court - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट के एक न्यायाधिकरण ने लिबरेशन टाइगर ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) पर प्रतिबंध पांच और वर्ष के लिए बढ़ाने के सरकार के फैसले को बरकरार रखा। साथ ही कहा कि यह समूह अब भी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बना हुआ है और भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त है।

विज्ञापन


दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की सदस्यता वाले न्यायाधिकरण ने कहा कि लिट्टे का सभी तमिलों के लिए एक अलग मातृभूमि (तमिल ईलम) का उद्देश्य भारत की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा है। न्यायाधिकरण ने कहा कि ऐसा करना भारत के भूभाग के एक हिस्से को अलग करने के समान है।
विज्ञापन


इस प्रकार यह गैरकानूनी गतिविधियों के दायरे में आता है। न्यायाधिकरण ने अपने अंतिम निष्कर्ष में कहा, उसका मानना है कि गैरकानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम (यूएपीए) के अंतर्गत लिट्टे को गैरकानूनी संगठन घोषित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत मौजूद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लिट्टे पर प्रतिबंध पांच साल के लिए बढ़ाए जाने के बाद गृह मंत्रालय ने यूएपीए के तहत 14 मई 2024 को न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। दलीलों पर गौर करने के बाद न्यायाधिकरण ने लिट्टे पर लगा प्रतिबंध पांच साल बढ़ाने के सरकार के फैसले को बरकरार रखा। 


गोपनीय ढंग से गतिविधियां जारी
गृह मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक, सरकार ने न्यायाधिकरण के समक्ष कहा कि मई 2009 में श्रीलंका में सैन्य हार के बाद भी लिट्टे ने ईलम की अवधारणा को नहीं छोड़ा है। वह गोपनीय ढंग से धन जुटाने और प्रचार गतिविधियों के माध्यम से इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए काम कर रहा है। बाकी बचे रह गए लिट्टे नेता या कार्यकर्ता बिखरे कार्यकर्ताओं को फिर से संगठित करने तथा स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठन को पुनर्जीवित करने के प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed