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पालिका बाजार में दुकानें सूनी, ई-शॉपिंग के क्रेज से वातानुकूलित बाजार में ग्राहकों का आवागमन कम
Thu, 24 Oct 2019 06:38 AM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 24 Oct 2019 06:38 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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खरीदारों के ई-शॉपिंग की ओर बढ़ते रुझान ने देश के सबसे आकर्षक मार्केट पालिका बाजार की रौनक को फीका कर दिया है। पालिका बाजार में देशभर के अलग-अलग हिस्सों से लोग खरीदारी के लिए पहुंचते थे। अब यह दिवाली पर भी सूना दिख रहा है। त्योहारी सीजन में भी इस बाजार में ग्राहकों का टोटा है। अपनी भूमिगत बनावट के कारण यह बाजार ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता था।
दिवाली नजदीक है, पर पालिका बाजार के सभी गलियारों को ग्राहकों का इंतजार है। पूरी तरह वातानुकूलित यह बाजार तीन भूमिगत सर्किल में बना है। इसमें कई ब्लॉक्स और करीब 400 दुकानें हैं। पालिका बाजार को 1978 में बनाया गया था। पालिका बाजार शॉपकीपर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव विनय कुमार ठाकुर का कहना है कि शॉपिंग वेबसाइटों पर दिवाली के लिए विशेष छूट के ऑफर दिये जा रहे हैं।
इस कारण इस बार पालिका बाजार में आने वाले खरीदारों की संख्या न के बराबर है। यहां कपड़े, खिलौने, सजावटी सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत अन्य उत्पादों की दुकानें हैं। यहां पहले देशभर के अलग-अलग राज्यों से ग्राहक विशेष तौर पर खरीदारी करने आते थे, लेकिन अब दिल्ली के स्थानीय ग्राहक भी नहीं पहुंच रहे। उनके मुताबिक, दुकानदार दिवाली पर भी खाली बैठे हैं। उनका कहना है कि इस बाजार की रौनक को पहला झटका दिल्ली में मॉल्स ने दिया था। कुछ समय बाद हालात सुधरने शुरू हुए तो अब ई-कॉमर्स वेबसाइटों की मार पड़ रही है।
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सरकार का दिवाली मेला और बढ़ाएगा मुसीबत
कारोबारियों का कहना है कि दिवाली के मौके पर 26 से 29 अक्तूबर तक सेंट्रल पार्क में होने वाले लेजर लाइट शो और दिवाली मेले के दौरान सीपी में कारों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इससे उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी। उनका कहना है कि त्यौहार के मौके पर कारों के प्रवेश पर रोक लगाई गई तो पालिका बाजार का कारोबार बिल्कुल ठप हो जाएगा।
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दिवाली नजदीक है, पर पालिका बाजार के सभी गलियारों को ग्राहकों का इंतजार है। पूरी तरह वातानुकूलित यह बाजार तीन भूमिगत सर्किल में बना है। इसमें कई ब्लॉक्स और करीब 400 दुकानें हैं। पालिका बाजार को 1978 में बनाया गया था। पालिका बाजार शॉपकीपर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव विनय कुमार ठाकुर का कहना है कि शॉपिंग वेबसाइटों पर दिवाली के लिए विशेष छूट के ऑफर दिये जा रहे हैं।
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इस कारण इस बार पालिका बाजार में आने वाले खरीदारों की संख्या न के बराबर है। यहां कपड़े, खिलौने, सजावटी सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत अन्य उत्पादों की दुकानें हैं। यहां पहले देशभर के अलग-अलग राज्यों से ग्राहक विशेष तौर पर खरीदारी करने आते थे, लेकिन अब दिल्ली के स्थानीय ग्राहक भी नहीं पहुंच रहे। उनके मुताबिक, दुकानदार दिवाली पर भी खाली बैठे हैं। उनका कहना है कि इस बाजार की रौनक को पहला झटका दिल्ली में मॉल्स ने दिया था। कुछ समय बाद हालात सुधरने शुरू हुए तो अब ई-कॉमर्स वेबसाइटों की मार पड़ रही है।
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कारोबारियों का कहना है कि दिवाली के मौके पर 26 से 29 अक्तूबर तक सेंट्रल पार्क में होने वाले लेजर लाइट शो और दिवाली मेले के दौरान सीपी में कारों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इससे उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी। उनका कहना है कि त्यौहार के मौके पर कारों के प्रवेश पर रोक लगाई गई तो पालिका बाजार का कारोबार बिल्कुल ठप हो जाएगा।