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ऐसा गांव जहां नहीं है आज भी बिजली, नाव से बाहर जाते हैं लोग, मतदान के लिए लंबी दूरी करते हैं तय
Sat, 30 Mar 2019 07:01 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 30 Mar 2019 07:01 AM IST
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नाव से नदी पार करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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देश की राजधानी से सटे नोएडा में एक गांव ऐसा भी जहां पर आजादी के 7 दशक बाद भी बिजली नहीं पहुंच पाई है। यमुना किनारे बसे इस गांव के लोग बाहर जाने के लिए आज भी नाव का सहारा लेते हैं।
लोकतंत्र के महापर्व की तैयारियों में पूरा देश जुटा है, लेकिन नोएडा के दलेलपुर गांव के लोगों ने चुनाव में मतदान न करने का फैसला लिया है। हालात इस कदर खराब हैं कि गांव में रहने वाले अपने बच्चों को पढ़ाई लिखाई के लिए रिश्तेनातेदारों के यहां छोड़ने पर मजबूर हैं।
सत्यवीर त्यागी बताते हैं कि उनके पूर्वज दलेलपुर गांव के खेतों पर आकर बस गए थे। आज इस गांव की आबादी करीब 250 है जबकि मतदाताओं की संख्या 100 के आसपास है।
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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भले ही मतदाता जागरूकता अभियान चल रहा हो मगर आज तक उनके पास प्रशासन का कोई नुमाइंदा नहीं आया है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए उनको स्वयं ही संपर्क करना पड़ता है। जब-जब चुनाव आते हैं तब-तब उनको सुना जरूर जाता है। मगर चुनाव खत्म तो उनकी समस्याओं को भी समाप्त मान लिया जाता है।
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लोकतंत्र के महापर्व की तैयारियों में पूरा देश जुटा है, लेकिन नोएडा के दलेलपुर गांव के लोगों ने चुनाव में मतदान न करने का फैसला लिया है। हालात इस कदर खराब हैं कि गांव में रहने वाले अपने बच्चों को पढ़ाई लिखाई के लिए रिश्तेनातेदारों के यहां छोड़ने पर मजबूर हैं।
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सत्यवीर त्यागी बताते हैं कि उनके पूर्वज दलेलपुर गांव के खेतों पर आकर बस गए थे। आज इस गांव की आबादी करीब 250 है जबकि मतदाताओं की संख्या 100 के आसपास है।
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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भले ही मतदाता जागरूकता अभियान चल रहा हो मगर आज तक उनके पास प्रशासन का कोई नुमाइंदा नहीं आया है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए उनको स्वयं ही संपर्क करना पड़ता है। जब-जब चुनाव आते हैं तब-तब उनको सुना जरूर जाता है। मगर चुनाव खत्म तो उनकी समस्याओं को भी समाप्त मान लिया जाता है।
मतदान के लिए लंबी दूरी करते हैं तय
मतदान करने के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है। यदि यमुना में बाढ़ आ जाती है तो गुलावली समेत अपने आसपास के गांवों में आने के लिए उनको 70 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
गांव के ओमप्रकाश, कृष्ण, मनोज आदि का कहना है कि कई बार पास से गुजर रही लाइन से बिजली लाने के लिए अधिकारियों के पास गए लेकिन हर बार वादा कर दिया जाता है।
दलेलपुर गांव यूपी का ही है। अधिकारियों से दौरा कराया गया तो उस क्षेत्र में यूपीपीसीएल से बिजली पहुंचाना मुश्किल है। गांव में सोलर से कनेक्शन देने की प्रक्रिया चल रही है।
राकेश कुमार राणा, मुख्य अभियंता, यूपीपीसीएल
गांव के ओमप्रकाश, कृष्ण, मनोज आदि का कहना है कि कई बार पास से गुजर रही लाइन से बिजली लाने के लिए अधिकारियों के पास गए लेकिन हर बार वादा कर दिया जाता है।
दलेलपुर गांव यूपी का ही है। अधिकारियों से दौरा कराया गया तो उस क्षेत्र में यूपीपीसीएल से बिजली पहुंचाना मुश्किल है। गांव में सोलर से कनेक्शन देने की प्रक्रिया चल रही है।
राकेश कुमार राणा, मुख्य अभियंता, यूपीपीसीएल