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कांग्रेस नेता ने कहा- केजरीवाल से 36 में एक भी गुण मिलता तो गठबंधन कर लेते

Fri, 12 Apr 2019 06:54 PM IST
Amit Sharma अमित शर्मा, अमर उजाला, ब्यूरो
अमित शर्मा, अमर उजाला, ब्यूरो Published by: Amit Sharma Updated Fri, 12 Apr 2019 06:54 PM IST
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lok sabha elctions 2019 Ending all possibilities of Coalition between AAP Congress in delhi
आप-कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाएं लगभग खत्म हो गई हैं। इसके साथ ही दोनों पार्टी के नेताओं ने एक दूसरे पर हमला करना भी शुरु कर दिया है। गोपाल राय ने शुक्रवार को कांग्रेस पर यह कहकर हमला किया कि उसने देशहित से ऊपर अपनी पार्टी को महत्त्व दिया जिसकी वजह से गठबंधन नहीं हो पाया, वहीं कांग्रेस नेता राजेश लिलोठिया ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी से कांग्रेस के 36 में से एक भी गुण मिलते तो शादी (गठबंधन) कर लेते, लेकिन ऐसा न होने की वजह से गठबंधन न करना ही बेहतर था। 

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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने अमर उजाला से कहा कि अरविंद केजरीवाल की सोच कांग्रेस के साथ बिल्कुल मेल नहीं खाती। हमने केंद्र और दिल्ली में एक साथ सरकार चलाकर भी यह देख लिया है कि राजधानी को अलग पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता, लेकिन अरविंद केजरीवाल सच जानकर भी यह मुद्दा छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में दोनों दलों के एक साथ आने पर भी जल्दी ही विवाद की संभावनाएं बन रही थीं। पार्टी इससे बचना चाहती थी। 
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लिलोठिया के मुताबिक वर्ष भर के अंदर ही हमें विधानसभा के लिए चुनाव के लिए जाना है। उस स्थिति में हमें आप के साथ जाना पड़ता और फिर सीटों का नुकसान होता जो पार्टी के लिए नुकसानदेह था। अकेले जाने पर हम उनका जनता के बीच विरोध करने की नैतिक हिम्मत न कर पाते। 
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कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता मंगतराम सिंघल ने कहा कि दिल्ली में एक सीट पर गठबंधन करने का मतलब विधानसभा की दस सीटों पर समझौता करना होता। इससे भविष्य के लिहाज से हमें काफी नुकसान होता। यही कारण है कि दिल्ली प्रदेश के किसी भी नेता ने गठबंधन पर अंतिम समय तक अपनी सहमति नहीं जाहिर की और अंततः गठबंधन नहीं हो सका। 

नेता के मुताबिक अरविंद केजरीवाल दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और गोवा की कुल 33 सीटों पर गठबंधन करना चाहते थे, लेकिन पंजाब, हरियाणा और गोवा की यूनिट इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। ऐसे में गठबंधन की कोई संभावना नहीं बनती थी। अरविंद केजरीवाल केवल दिल्ली में गठबंधन करने के पक्ष में नहीं थे। 


हम क्यों सहें आप के पाप
कांग्रेस नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने कार्यों की वजह से जनता के बीच अलोकप्रिय हो गई है। ऐसे में अगर हम उनके साथ जाते हैं तो उसका खामियाजा हमें भी भुगतना पड़ता जो कांग्रेस के भविष्य के लिए ठीक नहीं होता। यही कारण है कि गठबंधन न करना ही बेहतर समझा गया।  

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