फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Live updates residents doctors of delhi and all india on strike against NMC Bill 2019

एनएमसी बिल के विरोध में दिल्ली समेत देशभर के डॉक्टर हड़ताल पर, कहा- राष्ट्रविरोधी बिल वापस लो

Thu, 01 Aug 2019 10:53 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 01 Aug 2019 10:53 AM IST
विज्ञापन
Live updates residents doctors of delhi and all india on strike against NMC Bill 2019
एनएमसी बिल के विरोध में डॉक्टरों की हड़ताल - फोटो : ani
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) बिल के विरोध में आज दिल्ली के एम्स, सफदरजंग, आरएमएल समेत कई अस्पतालों में डॉक्टर हड़ताल पर हैं। दिल्ली सरकार और नगर निगम के अस्पतालों के डॉक्टर भी इसमें शामिल हैं। इनके साथ ही रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी दिल्ली समेत देशभर के डॉक्टरों से बेमियादी हड़ताल पर जाने की अपील की है।
विज्ञापन


इस कारण 30 से 40 हजार मरीजों को उपचार के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि पहले तो इस हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रखने की बात थी, लेकिन गुरुवार को तीनों ही अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं को भी हड़ताल में शामिल कर लिया गया। दोपहर दो बजे संसद का घेराव के लिए एम्स से कूच किया गया। एम्स में हड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि एनएमसी बिल राष्ट्रविरोधी, स्वास्थ्य विरोधी और गरीब विरोधी है। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी।
विज्ञापन


हड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टरों ने कहा कि हमारी हड़ताल एनएमसी बिल के कुछ प्रावधानों को लेकर है। रेजिडेंट डॉक्टर काम नहीं कर रहे हैं। फैकल्टी और सलाहकार सेवाएं दे रहे हैं। अगर सरकार हमारी बात नहीं सुनती है तो यह चिकित्सा क्षेत्र का काला दिवस होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली के अलावा केरल में भी इस बिल का विरोध किया जा रहा है। गुरुवार को केरल में मेडिकल छात्रों ने राज भवन के सामने बैनर पोस्टर के साथ नेशल मेडिकल कमिशन बिल का विरोध किया।



करीब दस हजार से ज्यादा डॉक्टरों के मौजूद रहने की संभावना है, पुलिस को लिखे पत्र में जानकारी दी है। बुधवार को दिल्ली एम्स की रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने प्रबंधन को हड़ताल की सूचना दी तो चिकित्सा अधीक्षक ने तत्काल आपात बैठक बुलाई। बैठक में एम्स प्रबंधन ने 10 लेयर इंतजाम किए हैं। 

क्या कहता है एम्स

एम्स के अनुसार, आज(1 अगस्त) को नए मरीजों को उपचार नहीं मिल सकेगा। ओपीडी में पहले से ही अपाइंटमेंट ले चुके रोगियों के अलावा फॉलोअप केस ही देखे जाएंगे। एम्स आरडीए के अध्यक्ष डॉ. अमरिंदर ने कहा कि बार-बार मांग करने के बाद भी केंद्र सरकार डॉक्टरों के खिलाफ तानाशाही दिखाने में लगी है। विधेयक में कई ऐसे प्रस्ताव हैं, जो चिकित्सक वर्ग के लिए घातक साबित हो सकते हैं। 

अगर राज्यसभा में विधेयक पेश होने से पहले सरकार ने उनकी मांगों को नहीं सुना तो इसके काफी नुकसानदायक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमेध ने कहा कि विधेयक में नीट पीजी और एक्जिट एग्जाम के अलावा निजी मेडिकल कॉलेजों में महज 50 फीसदी सीटों पर फीस नियंत्रण जैसे कानून गलत हैं। 

क्रॉसपैथी को लाना सिरे से खारिज करने वाला है। विधेयक के तहत चार बोर्ड बनाए जाएंगे, जिनमें चिकित्सीय क्षेत्र के लोगों की सहभागिता न के बराबर है। बाहरी क्षेत्र के अधिकारियों को चिकित्सीय वर्ग को समझने में काफी कठिनाइयां आएंगी। इनके अलावा, यूआरडीए चिकित्सीय संगठन ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है। 

उधर, आईएमए के अनुसार, बुधवार को देशभर में फैली उनकी शाखाओं में डॉक्टरों ने हड़ताल की और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। करीब साढ़े तीन लाख डॉक्टरों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। इनका कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल भी हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed