फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Life lost after falling into a pothole; order issued to pay 30 lakh compensation to the deceased's family.

Delhi NCR News: सड़क के गड्ढे में गिरकर गई जान, मृतक के परिवार को 30 लाख मुआवजा देने का आदेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2026 08:59 PM IST
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा, दुर्घटना की तारीख से भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा, यह भुगतान तीन महीने के अंदर किया जाना चाहिए
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सार्वजनिक सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिरने से 37 वर्षीय व्यक्ति की मौत के मामले में मृतक के परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि दुर्घटना की तारीख से भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जाए और पूरी राशि तीन महीने के भीतर अदा की जाए।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत से आश्रितों पर गंभीर आर्थिक संकट आ जाता है। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को राहत पाने के लिए लंबी और महंगी कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। 2019 में 17-18 अप्रैल की दरम्यानी रात ढिचाऊं कलां क्षेत्र में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की पाइपलाइन मरम्मत के लिए खोदे गए गड्ढे में एक मोटरसाइकिल सवार गिर गया था। वह अगली सुबह गड्ढे में मिला। गंभीर चोटों के कारण कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन

अदालत ने कहा कि मृतक की पत्नी, मां और तीन नाबालिग बच्चे घटना के बाद से कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। न्यायालय ने इस बात पर भी चिंता जताई कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जल्दी मुआवजा देने के लिए एक व्यवस्थित नीति की जरूरत
अपने आदेश में अदालत ने कहा कि सड़क निर्माण या मरम्मत कार्यों से जुड़ी दुर्घटनाओं में त्वरित मुआवजा देने के लिए एक व्यवस्थित नीति की आवश्यकता है। इससे पीड़ितों को समय पर राहत मिल सकेगी और उन्हें न्याय के लिए वर्षों तक अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अदालत ने स्पष्ट किया कि नीति निर्माण कार्यपालिका का विषय है, लेकिन न्यायालय इस समस्या की गंभीरता की अनदेखी नहीं कर सकता।
लापरवाही और पर्याप्त सुरक्षा उपायों के अभाव का नतीजा हैं ऐसी घटनाएं
सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि वर्ष 2023 में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों से संबंधित दुर्घटनाओं में 8,246 लोग घायल हुए और 3,904 लोगों की मौत हुई। न्यायालय के अनुसार, ऐसी घटनाएं आकस्मिक नहीं होतीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और पर्याप्त सुरक्षा उपायों के अभाव का परिणाम होती हैं।

अपनी जिम्मेदारी ठेकेदार पर नहीं डाल सकता डीजेबी
डीजेबी ने दलील दी थी कि खोदाई का कार्य एक ठेकेदार के माध्यम से कराया गया था और गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी, इसलिए दुर्घटना में मृतक की भी कुछ जिम्मेदारी हो सकती है। हालांकि अदालत ने यह तर्क स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक सड़क पर किए जा रहे खतरनाक कार्यों के दौरान पर्याप्त रोशनी, चेतावनी संकेत, सुरक्षा प्रबंध, निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित करना डीजेबी की जिम्मेदारी थी। अदालत ने माना कि पूरी रात घायल व्यक्ति का गड्ढे में पड़ा रहना व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। न्यायालय ने कहा कि डीजेबी अपनी वैधानिक जिम्मेदारी कॉन्ट्रैक्टर पर नहीं डाल सकता, हालांकि वह अनुबंध की शर्तों के अनुसार उससे राशि वसूलने की कार्रवाई कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed