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Delhi NCR News: एलएचएमसी छात्रों ने हॉस्टल में बदहाली के खिलाफ खोला मोर्चा
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- प्रदर्शन कर छात्रों ने मेस खाने में कीड़े होने, हॉस्टल में दूषित पानी और एसी की सुविधा न होने का लगाया आरोप अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्रों ने हॉस्टल में एसी की सुविधा न होने, खाने की खराब गुणवत्ता सहित कई दूसरे मुद्दों पर सोमवार को निदेशक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। हॉस्टल में बदहाली को लेकर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फेमा) ने चिंता व्यक्त की है।
हॉस्टल की एक छात्रा ने आरोप लगाते हुए बताया कि हॉस्टल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता एकदम घटिया है। खाने में कीड़े रहते हैं। ऐसा खाना मिलता है कि जिसे खाकर बीमार हो जाए। मेस में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। हॉस्टल में पानी की आपूर्ति भी नहीं होती है। दूषित पानी मिलता है। हॉस्टल परिसर में कुत्तों के काटे जाने के छात्र डरे रहते हैँ। हर महीने दो-तीन मामले कुत्तों के काटने के आते हैं।
छात्रा ने कहा कि गर्मी में हॉस्टल के कमरों में एसी नहीं है। जबकि वार्डन और पीजी छात्रों के हॉस्टल में यह सुविधा है। इन्हीं मांगों को लेकर निदेशक कार्यालय के बाहर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रशासन ने तीन दिन के अंदर सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। वहीं फेमा के मुख्य संरक्षक डॉ. रोहन कृष्णन ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज छात्राओं को समर्पित है।
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नई दिल्ली। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्रों ने हॉस्टल में एसी की सुविधा न होने, खाने की खराब गुणवत्ता सहित कई दूसरे मुद्दों पर सोमवार को निदेशक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। हॉस्टल में बदहाली को लेकर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फेमा) ने चिंता व्यक्त की है।
हॉस्टल की एक छात्रा ने आरोप लगाते हुए बताया कि हॉस्टल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता एकदम घटिया है। खाने में कीड़े रहते हैं। ऐसा खाना मिलता है कि जिसे खाकर बीमार हो जाए। मेस में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। हॉस्टल में पानी की आपूर्ति भी नहीं होती है। दूषित पानी मिलता है। हॉस्टल परिसर में कुत्तों के काटे जाने के छात्र डरे रहते हैँ। हर महीने दो-तीन मामले कुत्तों के काटने के आते हैं।
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छात्रा ने कहा कि गर्मी में हॉस्टल के कमरों में एसी नहीं है। जबकि वार्डन और पीजी छात्रों के हॉस्टल में यह सुविधा है। इन्हीं मांगों को लेकर निदेशक कार्यालय के बाहर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रशासन ने तीन दिन के अंदर सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। वहीं फेमा के मुख्य संरक्षक डॉ. रोहन कृष्णन ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज छात्राओं को समर्पित है।
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