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ट्रैफिक पुलिस ने 11 मिनट में रचा इतिहास, जानिए

Thu, 21 May 2015 11:17 PM IST
Updated Thu, 21 May 2015 11:17 PM IST
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Lever brought from lucknow, reaches hospital from airport in 11 minutes

लखनऊ से विमान से लिवर लाकर दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बैलियरी साइंसेज अस्पताल में एक मरीज को प्रत्यारोपित किया गया।

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लिवर जल्द से जल्द मरीज को प्रत्यारोपित हो सके इसके लिए दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल तीन से आईएलबीएस तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की मदद से ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया था।

इसकी वजह से 11 मिनट में लिवर एयरपोर्ट से आईएलबीएस पहुंच गया। इस रास्ते पर भारी ट्रैफिक होता है इसलिए इस दूरी को तय करने में कम से कम घंटे भर का समय लग जाता है।

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लखनऊ में नहीं हो पाया था यह कमाल

Lever brought from lucknow, reaches hospital from airport in 11 minutes

बुधवार सुबह दिल्ली के आईएलबीएस से एक टीम लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के लिए निकली। वहां एक युवक जागरण प्रसाद (30) दो दिन पहले सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था।

ब्रेन डेड जागरण के शरीर से लिवर निकालने के बाद बिना समय बर्बाद किए फौरन लखनऊ एयरपोर्ट तक लाया गया। लखनऊ में अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर नहीं बनाया जा सका।

हालांकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से लखनऊ और दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच व दूसरी औपचारिकताएं पूरी करने में समय नहीं लिया गया।

और इस तरह 11 मिनट में लिवर पहुंचा अस्पताल

Lever brought from lucknow, reaches hospital from airport in 11 minutes

जिस बॉक्स में लिवर को रखा गया था उसको विमान में रखने के लिए एक सीट सुरक्षित रखी गई थी। दोपहर 1.55 बजे विमान ने लखनऊ से दिल्ली के लिए उड़ान भरी और 3.10 बजे दिल्ली पहुंचा।

इसके बाद एयरपोर्ट टर्मिनल तीन से आईएलबीएस तक की करीब छह किलोमीटर की दूरी ग्रीन कॉरिडोर की मदद से महज 11 मिनट में तय की गई। इसके बाद लिवर को दिल्ली निवासी 66 वर्षीय एक मरीज को प्रत्यारोपित किया गया।

आईएलबीएस की ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर विभूति शर्मा ने बताया कि कम समय में लिवर लखनऊ से दिल्ली लाने और प्रत्यारोपित कराने में नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली पुलिस का विशेष सहयोग मिला।

डॉ. पामेचा लिवर लाने लखनऊ भी गए थे और उन्होंने ही मरीज को प्रत्यारोपित भी किया। मंगलवार की रात आईएलबीएस को लखनऊ के केजीएमसी से ब्रेन डेड मरीज की सूचना मिली थी और यह भी कहा गया था कि परिजन लिवर देने को तैयार हैं।

इसके बाद मरीज के ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव के मुताबिक मरीज की तलाश भी रात में ही पूरी की गई। इसके बाद बुधवार सुबह 5.40 बजे आईएलबीएस की टीम लखनऊ के लिए रवाना हुई।

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