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अब लॉ डीन प्रो वेद कुमारी ने अपने पद से दिया इस्तीफा, लॉ के दाखिलों पर पड़ सकता है असर

Tue, 18 Jun 2019 08:59 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Tue, 18 Jun 2019 08:59 PM IST
सार

- कैंपस लॉ सेंटर के प्रोफेसर इन चार्ज के मनमाने कार्यों को जिम्मेदार ठहराया
- कार्यकाल समाप्त होने पर तीन महीने बाकी, इस्तीफा स्वीकार नहीं
- प्रो कुमारी ने कहा कि इस्तीफा वापस नहीं लेंगी, लॉ के दाखिलों पर पड़ सकता है असर

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Law Dean Professor Ved Kumari Resigned from His Post
फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली विश्वविद्यालय में अब लॉ डीन प्रो वेद कुमारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जबकि उनका कार्यकाल समाप्त होने में तीन माह बाकी हैं। प्रशासन ने अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है, लेकिन प्रो कुमारी का कहना है कि वह अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगी। अपने इस्तीफे देने केलिए उन्होंने कैंपस लॉ सेंटर के प्रोफेसर इन चार्ज के मनमाने कार्यों व विवि अधिकारियों के असहयोग को ठहराया है। 

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प्रो वेद कुमारी ने कहा कि यह इस्तीफा अचानक नहीं दिया है। काफी समय से कुछ बातें बढ़ती जा रही थी। उन्होंने 2 सितंबर 2016 को लॉ फैकल्टी डीन का पदभार संभाला था। अब उनका कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा था। उन्होंने  कुलपति प्रो योगेश त्यागी को इस्तीफे का कारणों का पत्र में खुलासा किया है। इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह मेहनती छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कानूनी शिक्षा और न्याय के मानकों को हासिल करने में विफल रही हैं।
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छात्रों को कम उपस्थिति केबाद भी परीक्षा देने की अनुमति दी जा रही थी, कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा था। जिन छात्रों ने शिक्षक से मारपीट की उनकेखिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन मामलों के साथ कई अन्य मामलों को डीयू प्रशासन के संज्ञान में लाकर उचित कदम उठाने का अनुरोध किया लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मुझे मौखिक रुप से जानकारी दी गई है कि मेरा इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया। मैंने अपना इस्तीफा वापस नहीं लूंगी। 
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उन्होंने 17 जून को अपना इस्तीफा दिया और मंगलवार को वह कार्यालय नहीं गयी। उनका कहना है कि वह बीते दो साल नौ महीने में लॉ फैकल्टी के सर्वोत्तम हित में सफल नहीं हो सकी। मालूम हो कि इससे पहले डीन ऑफ कॉलेज प्रो देवेश सिन्हा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो राजेश टंडन, और डिप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ गुरप्रीत सिंह टुटेजा भी अपना पद छोड़ चुके हैं। वहीं समकुलपति, डीन ऑफ कॉलेज, एनसीवेब निदेशक केपद पर नियुक्तियां नहीं की हैं। 


आधे रास्ते में छात्रों के साथ धोखा किया-एनएसयूआई
एनएसयूआई दिल्ली अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने कहा कि प्रो वेद कुमारी को 2 साल 9 माह बाद याद आया कि कि वह इस पद को नहीं संभाल सकती। जब सिर्फ 3 महीने उनके इस पद पर रहने केबचे हुए थे। ऐसे में उन्होंने आधे रास्ते में छात्रों के साथ धोखा किया है। अक्षय ने कहा कि डीन ने अपने त्याग पत्र में उनके और कैंपस लॉ सेंटर इंचार्ज केबीच हुई नोंक झोंक से छात्रों का भविष्य अंधकार की तरफ झोंक दिया। 

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