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Delhi NCR News: लार्वा मिलने के बढ़े मामले, एमसीडी ने तेज की नोटिस और चालान की कार्रवाई
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- एक सप्ताह में 3,542 स्थानों पर मिला मच्छरों का लार्वा, 3,037 नोटिस और 409 के चालान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में डेंगू और मलेरिया की आशंका के बीच मच्छरों के लार्वा मिलने के मामलों में बढ़ोतरी ने एमसीडी की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि उसने नोटिस और चालान की कार्रवाई तेज कर दी है। गत सप्ताह जांच के दौरान 3,542 घरों और परिसरों में मच्छरों का लार्वा अथवा मच्छर पनपने की स्थिति पाई गई। उसके बाद एमसीडी ने 3,037 कानूनी नोटिस जारी किए और 409 मामलों में चालान की कार्रवाई शुरू की।
एमसीडी की टीमें सप्ताहभर में आठ लाख 52 हजार घरों और परिसरों तक पहुंचीं और मच्छरों की घरेलू ब्रीडिंग की जांच की। इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे स्थान मिले जहां पानी जमा था या सफाई की कमी के कारण मच्छरों के पनपने की आशंका बनी हुई थी। कूलर, पानी की टंकियां, गमले, कबाड़, निर्माण स्थल और खुले बर्तन अब भी मच्छरों की ब्रीडिंग के प्रमुख केंद्र बने हुए मिले।
आंकड़ों के अनुसार, लार्वा मिलने के मामलों और नोटिस की संख्या में सीधा संबंध दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे मच्छरों के पनपने के मामले सामने आ रहे हैं, एमसीडी की कानूनी कार्रवाई भी तेज होती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून से पहले का समय डेंगू और चिकनगुनिया के लिहाज से संवेदनशील होता है, इसलिए रोकथाम के उपायों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही। एमसीडी ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों और आसपास पानी जमा न होने दें और नियमित सफाई बनाए रखें।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में डेंगू और मलेरिया की आशंका के बीच मच्छरों के लार्वा मिलने के मामलों में बढ़ोतरी ने एमसीडी की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि उसने नोटिस और चालान की कार्रवाई तेज कर दी है। गत सप्ताह जांच के दौरान 3,542 घरों और परिसरों में मच्छरों का लार्वा अथवा मच्छर पनपने की स्थिति पाई गई। उसके बाद एमसीडी ने 3,037 कानूनी नोटिस जारी किए और 409 मामलों में चालान की कार्रवाई शुरू की।
एमसीडी की टीमें सप्ताहभर में आठ लाख 52 हजार घरों और परिसरों तक पहुंचीं और मच्छरों की घरेलू ब्रीडिंग की जांच की। इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे स्थान मिले जहां पानी जमा था या सफाई की कमी के कारण मच्छरों के पनपने की आशंका बनी हुई थी। कूलर, पानी की टंकियां, गमले, कबाड़, निर्माण स्थल और खुले बर्तन अब भी मच्छरों की ब्रीडिंग के प्रमुख केंद्र बने हुए मिले।
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आंकड़ों के अनुसार, लार्वा मिलने के मामलों और नोटिस की संख्या में सीधा संबंध दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे मच्छरों के पनपने के मामले सामने आ रहे हैं, एमसीडी की कानूनी कार्रवाई भी तेज होती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून से पहले का समय डेंगू और चिकनगुनिया के लिहाज से संवेदनशील होता है, इसलिए रोकथाम के उपायों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही। एमसीडी ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों और आसपास पानी जमा न होने दें और नियमित सफाई बनाए रखें।
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