फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Lady describes situation of Iraq after returning

'खौफ ही खौफ था चोरों ओर'

Sat, 28 Jun 2014 04:12 PM IST
संदीप वर्मा/अमर उजाला, नोएडा
संदीप वर्मा/अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 28 Jun 2014 04:12 PM IST
विज्ञापन
Lady describes situation of Iraq after returning

रास्तों पर घायल थे, तबाही के निशां थे, फौजें थीं, हर तरफ खौफ का मंजर था। हम बस खुदा से सलामती की दुआ मांग रहे थे। आतंक की आग में झुलस रहे ईराक से लौटी जीनत जैदी (48) ने अमर उजाला से दहशत भरी वो कहानी बयां की, जो दिल दहला देती है।

विज्ञापन


सेक्टर-11 के जे ब्लॉक में रहने वाली जीनत अपने चार करीबी रिश्तेदारों के साथ चार जून को ईराक पहुंची थीं। कर्बला में हजरत इमाम हुसैन की दरगाह पर जियारत के लिए गईं।
विज्ञापन


महज तीन दिन पहले ईराक से लौटी जीनत 14 जून को कर्बला में ही थीं, जब उन्हें पता चला कि सुन्नी चरमपंथियों ने ईराक के शहरों पर कब्जा करना शुरू कर दिया है और हर ओर दहशत फैली हुई है। ऐसे में उन्हें हर हाल में ईरान के मसद तक जाना जरूरी था, लेकिन रास्तों में उन्होंने जो देखा, वो रूह कंपाने के लिए काफी था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जीनत के साथ जेठ शाहीन रजा जैदी, जिठानी रिजविया जैदी, नंद रास्का जैदी और नंदोई नसीर हैदर के अलावा 50 लोगों का जत्था था। ईराक रवाना होते वक्त वहां हालात सामान्य थे, लेकिन वहां पहुंचते ही माहौल बिगड़ने लगा।

कत्लेआम की खबर सुनकर सभी सहम गए थे। ये जानकर और भी डर लग रहा था कि बाहरी लोगों को भी मारा जा रहा है। उधर, भारत में भी परिवार परेशान था। पति और बच्चे लगातार फोन पर खबर ले रहे थे। इस दहशतगर्दी ने सारे प्लान को बदल दिया। पूरे जत्थे को सामरा जाना था, लेकिन बुरे हालात में वहां जाने का सवाल ही नहीं उठता था।

गड्ढों में छुपकर बचे लोग
उन हालात को याद कर जीनत सुबक उठती हैं। वह बताती हैं कि सामरा से कई लोग उनके होटल पहुंचे। जिन्होंने बताया कि आतंकवादी सामरा में जमकर उत्पात मचा रहे थे। इस दौरान कई लोगों ने रास्तों में पड़े गड्ढों या अन्य जगह छिपकर अपनी जान बचाई थी। कई आतंकवादियों की तलवारों और गोलियों का शिकार हो गए थे। उन्होंने बताया कि 15 को सभी मसद पहुंचे, वहां पहुंचते ही पता चला कि जिस होटल में ठहरे थे वहां हमला हो गया। जीनत के पति एसएआर जैदी यमुना प्राधिकरण में जीएम हैं। वो खुदा का शुक्रिया अदा करते हैं कि उनकी पत्नी सलामत हैं।


आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता
इराक से लौटीं जायरीन, जीनत जैदी बोलीं कि कर्बला जाने वाले हमारे जत्थे में शिया और सुन्नी दोनों ही थे। हम मिलजुलकर ही इमाम हुसैन की दरगाह गए थे। वहां लोगों के कत्लेआम की खबर सुनकर बस यही लग रहा था कि दहशतगर्दों का कोई धर्म नहीं होता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed