फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   lack of pan cards is becoming problem for money exchange after demonetization

नोटबंदी का साइड इफेक्ट: बरसों की कमाई पैन कार्ड न होने की वजह से नहीं हो पा रही जमा 

Sat, 19 Nov 2016 12:09 AM IST
नेहा शर्मा/अमर उजाला, नोएडा
नेहा शर्मा/अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 19 Nov 2016 12:09 AM IST
सार

कहीं बर्बाद न हो जाए जीवन भर की कमाई, 
न खाता न ही दस्तावेज, कैसे कराएं बैंक में पैसे जमा
- अकाउंट न होने की वजह से नहीं जमा हो पा रहे पैसे
-

विज्ञापन
lack of pan cards is becoming problem for money exchange after demonetization
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर में सैकड़ों लोग हैं , जिन्होंने अपने बच्चों की शादी और दूसरी चीजों के लिए जीवन भर की कमाई जोड़ कर रखी हुई है। एक - एक पाई करके  70 से 80 हजार रुपये तक जमा कर लिए थे। लेकिन अकाउंट न होने की वजह से अब उन्हें ये पैसा खोने का डर सता रहा है।
विज्ञापन


इनके पास बैंक में अकाउंट खुलवाने के लिए सारे दस्तावेज भी नहीं हैं। ये लोग इतने पढ़े लिखे भी नहीं हैं कि इन दस्तावेजों को आसानी से बनवा सकें। ऐसे में इनको अब ये जीवन भर की कमाई बर्बाद होने का डर सकता रहा है।
विज्ञापन


इनका कहना है कि हम लोगों ने जीवन भर काम करके 70 से 80 हजार रुपये जमा किए हैं। अब इन पर इतनी छानबीन की जा रही है। ऐसा लग रहा है जैसे हम लोगों ने ही काला धन रखा हुआ है। वहीं, कुछ लोगों के पास पेन कार्ड ही नहीं है। ऐसे में 50 हजार रुपये भी जमा नहीं किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अकाउंट ही नहीं तो कैसे जमा कराएं जीवन भर की कमाई 

lack of pan cards is becoming problem for money exchange after demonetization
निठारी में रहने वाले 48  वर्षीय शंकर अपने पूरे परिवार के  साथ सेक्टर - 20 में कपड़ों पर प्रेस करने का काम करते हैं। पिछले 30 सालों से लोगों के कपड़ों पर प्रेस कर रहे हैं। जनवरी में इनकी बेटी की शादी है। बेटी की शादी के लिए इन्होंने  60 हजार रुपये जमा किए हुए हैं।

लेकिन अब 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने की वजह से बैंक में पैसा जमा कराना चाह रहे हैं। लेकिन इनका बैंक में अकाउंट ही नहीं है। जिस वजह से इनको पैसे जमा करने में दिक्कत आ रही है। शंकर ने बताया कि बहुत साल पहले गांव में अकाउंट खुलवाया था। लेकिन उसके सभी दस्तावेज खो चुके हैं।

अब कोई अकाउंट ही नहीं हैं जिसमें पैसे जमा करा सकें। पुराने नोट बंद होने की वजह से कारोबार तो ठप हो ही गया है। सोचा था जनवरी तक कुछ और पैसे जमा हो जाएंगे तो शादी अच्छी हो जाएगी।

शंकर की पत्नी मंजू ने बताया कि समझ नहीं आ रहा है कि पैसे को कैसे नए नोटों में बदलवाएं। डर है कहीं पर ये पैसे बेकार न चले जाएं। एक बेटा 10 वीं और दूसरा बेटा 8 क्लास में पढ़ता है। महीने में इनकी 500 रुपये फीस जाती है। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है।

वाट्सऐप ग्रुप से मिल रही है मदद

lack of pan cards is becoming problem for money exchange after demonetization
नोट पर लिखा तो होगी कार्रवाई
सेक्टर- 20 में रहने वाले अनिल कौशल इंजीनियर हैं। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से इनकी लाइफ में भी उथल - पुथल हो गई है। हालांकि ये फैमिली प्रधानमंत्री के इस कदम के साथ हैं।

अनिल ने बताया कि एक दिन पहले दिन ही मकान मालिक को किराया देने के लिए अकाउंट से पैसा निकालकर लाए थे। लेकिन अब इनका कोई फायदा नहीं है। दोबारा से अकाउंट में जमा कराने पड़ेंगे। हालांकि मकान मालिक ने स्थिति को समझते हुए कुछ दिनों के बाद किराया देने को बोल दिया है।

वहीं दुध, सब्जी के लिए पेटीएम वाली दुकान को देखना पड़ा है। हालांकि हम लोग इस फैसले के साथ हैं। इससे कम से कम लोगों का काला धन बाहर निकल सकेगा। इसकेसाथ ही ऑफिस के सभी दोस्तों ने वाट्सऐप ग्रुप बना लिया है। जिसमें शामिल एक - एक शख्स अकाउंट से पैसे निकाल रहा है। उसके बाद सभी बांट ले रहे हैं। ऐसे ही हम अपना काम चला रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed