AAP वर्जन-2 'एंटी वायरस' लॉन्च करेंगे कुमार विश्वास, जानें ये आखिर है क्या
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आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास ने रविवार को पार्टी दफ्तर में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। इस मौके पर विश्वास ने ऐलान किया कि वह आप का वर्जन-2 बनाने जा रहे हैं।
हालांकि, वर्जन-2 से उनका मतलब आप को पुराने स्वरूप में लाने की है, जहां कार्यकर्ताओं की बात सुनी जाए। अलग-अलग विधानसभा से पार्टी दफ्तर पहुंचे कुछ कार्यकर्ताओं ने विधायकों की शिकायत की। विश्वास ने तुरंत विधायकों को फोन लगाकर समस्या दूर करने की नसीहत दी।
बाद में मीडिया से बातचीत में विश्वास ने कहा कि वह आप का वर्जन-2 बनाएंगे। बकौल विश्वास, वर्जन-1 रामलीला मैदान से लेकर पार्टी स्थापना तक का था। उस वक्त कार्यकर्ताओं से पूछकर उम्मीदवारी तय की गई थी।
पार्टी अपने स्तर पर इच्छुक उम्मीदवारों का चरित्र, आपराधिक पृष्ठभूमि, भ्रष्टाचार जैसे मामलों की मामलों की जांच की थी। इसके बाद टिकट दिया गया। वहीं, फैसले लेने में भी पारदर्शिता बरती गई थी।
कुमार विश्वास के मुताबिक, बीते पांच सालों में आप कई बार भटकी है। लेकिन भटकाव दिखने पर विश्वास ने आवाज उठाई। इससे काफी लोग नाराज भी हुए हैं। कुछ लोगों की नाराजगी के बजाय रामलीला मैदान में उमड़े लोगों की बात उठाऊंगा।
वर्जन-2 की जरूरत इसलिए है। आप में कार्यकर्ताओं के तौर पर कुछ ऐंटी-वायरस लगाए जा रहे हैं। कार्यकर्ता सच-सच बताएगा कि संगठन में कहां दिक्कत है, कौन सा विधायक काम नहीं कर रहा है। या दूसरी कौन सी गड़बड़ियां हैं।
क्या है वायरस
वायरस के बारे में सवाल करने पर विश्वास ने कहा कि जब आप रामलीला मैदान से चली थी तो पांच लाख लोग थे। लेकिन बीते दिनों के कार्यक्रम में सिर्फ 5 हजार लोग बचे हैं। 5 लाख से 5 हजार के बीच सिमट जाने से जो लोग आप से दूर गए हैं, उसकी वजह वायरस है। इन्हीं वायरस को मारने के लिए आप वर्जन टू का एंटी वायरस तैयार किया जा रहा है।
केजरीवाल के नाम पर मिलता है वोट
केजरीवाल से अपने संबंधों पर विश्वास ने कहा कि आप का आंदोलन अरविंद केजरीवाल की ‘स्वराज’ किताब पर खड़ा हुआ था। ऐसे में वह कार्यकर्ताओं की बात क्यों नहीं सुनना चाहेंगे।
विश्वास के मुताबिक, रामलीला मैदान में भी केजरीवाल ने उनकी बात पर मुहर लगा दी थी कि सबसे पहले राष्ट्र है, फिर दल और नेता। कुमार विश्वास ने कहा कि अरविंद की वजह से वोट मिलता है।
जब पार्टी आगे बढ़ेगी तो राज्यसभा और लोकसभा आएगी। ऐसे लोगों की बात नहीं मानी जानी चाहिए, जो सरकार बनने के बाद आए। कुमार विश्वास ने बताया कि उनकी कार्यकर्ताओं के 25-30 समूहों से बात हुई। हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के कार्यकर्ता सवाल कर रहे हैं कि पार्टी ने दोनों राज्यों का चुनाव क्यों छोड़ दिया।
पार्टी छोड़ गए कार्यकर्ताओं व नेताओं से वापस लौटने की अपील
कुमार विश्वास ने एक बार फिर पार्टी छोड़कर बाहर गए आप के पूर्व नेताओं व कार्यकर्ताओं से वापस लौटने की अपील की। हालांकि, कपिल मिश्रा के निलंबन पर उनका कहना था कि कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की विधिक प्रक्रिया की वजह से बाहर गया है तो वह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंदर आएगा।
यह अमानतुल्लाह वाला केस नहीं है कि अचानक निकाल दिया और अचानक वापस ले लिया। पार्टी ऐसे नहीं चलेगी। कुमार विश्वास के मुताबिक, कई लोग जो बाहर गए हैं। उनका दावा है कि वह योगेंद्र यादव से लेकर प्रशांत भूषण और अंजलि दमानिया से लेकर सुभाष वारे तक। उनसे कार्यकर्ताओं का संवाद चल रहा है।