अब ऐसा कुछ करने वाले हैं कुमार विश्वास जो सबको सकते में डाल देगा, दोस्तों को दिया संकेत
कुमार विश्वास के नजदीकियों की राय, अपनी ही पार्टी के बेगानेपन से व्यथित हैं विश्वास, सिसायत छोडने का कर सकते हैं एलान
विश्वास सियासत से कर सकते हैं किनारा
- कुमार विश्वास के नजदीकियों की राय, अपनी ही पार्टी के बेगानेपन से व्यथित हैं विश्वास, सिसायत छोडने का कर सकते हैं एलान
- विश्वास के राजनीति से हटने का राजस्थान चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ेगा असर
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आम आदमी पार्टी (आप) के बेगानेपन से व्यथित संस्थापक सदस्य कुमार विश्वास सियासत से कदम पीछने का फैसला कर सकते हैं। सियासी पारी से विराम लेने के बाद वह अपना पूरा ध्यान साहित्य पर केंद्रित करेंगे।
विश्वास के नजदीकी सूत्र बताते हैं कि बीते दिनों के घटनाक्रम ने सियासत से उनका मोह भंग कर दिया है। बातों-बातों में उन्होंने इसका इजहार भी किया है। बुधवार को इशारे-इशारे में विश्वास ने खुद भी माना कि सियासत के लिये वह शहीद हो गये हैं।
वहीं, कुछ लोगों से उन्होंने बतौर राजनेता आखिरी मुलाकात होने की बात भी कही। हालांकि, औपचारिक तौर पर विश्वास ने अपनी आगे की रणनीति का खुलासा नहीं किया है। सूत्र बताते हैं कि विश्वास के साथ केजरीवाल के मनमुटाव के बीज पंजाब चुनाव के दौरान काफी गहरे हो गये थे।
केजरीवाल को पार्टी लाइन से अलग आवाज रखने वाले लोग पसंद नहीं हैं। और पार्टी की लाइन भी सिर्फ केजरीवाल की लाइन होती है। यही वजह रही कि बेहद अहम पंजाब चुनाव से उन्हें दूर रखा गया है। जबकि पार्टी का बहुत कुछ उस मौके पर दांव पर लगा था।
लेकिन विधायक अमानतुल्लाह के प्रकरण ने सारी हदें पार कर दीं। इस मसले में विश्वास का भी मानना रहा है कि पार्टी के वरिष्ठों के इशारे पर अमानतुल्लाह ने उन्हें भाजपा का एजेंट बताया था। प्रमाण के तौर पर अमानत पर पार्टी की मेहरबानी का वह जिक्र भी करते हैं।
कुमार विश्वास ने बुधवार को इशारे-इशारे में कहा कि वह शहीद हो गये हैं। उन्होंने शव के साथ छेड़छाड़ न करने की नसीहत भी दी। वहीं, कुछ लोगों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि बतौर नेता यह उनकी आखिरी मुलाकात है।
प्रशांत भूषण बोले
मतलब साफ है कि विश्वास राजनीति से हटने का फैसला कर सकते हैं। विश्वास के इस फैसले का सीधा असर आप की राजस्थान विधान सभा चुनाव की तैयारियों पर पड़ेगा। जहां बीते कुछ महीने पर पाटी की छात्र इकाई ने बेहतर प्रदर्शन किया था। वहीं, राजस्थान के पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि विधान चुनाव में भी आप अच्छा करेगी।
आम आदमी पार्टी ने ऐसे लोगों को राज्य सभा का टिकट दिया है, जिनकी न तो समाज सेवा के क्षेत्र में पहचान है और न ही राज्य सभा जाने की कोई दूसरी योग्यता ही है। यह फैसला कार्यकर्ताओं की मर्जी के खिलाफ जाकर किया गया। क्या इसे पार्टी के खत्म होने का आखिरी दस्तावेज माना जाये।