काली कमाई के कुबेर: यादव सिंह, रामेंद्र सिंह और वीके गोयल की हिरासत बढ़ी
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नोएडा के चर्चित ठेका घोटाले में फंसे यमुना एक्सप्रेस-वे, नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथारिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह और उसके सहयोगी रामेंद्र सिंह और एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर/पार्टनर वीके गोयल की न्यायिक हिरासत सीबीआई कोर्ट ने बढ़ा दी है।
सीबीआई विशेष कोर्ट के रिक्त होने के चलते पीठासीन अधिकारी एके झा ने तीनों आरोपियों को अब 14 जुलाई को पेश किए जाने के आदेश दिए हैं। बृहस्पतिवार को डासना जेल में बंद चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह, सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र सिंह और वीके गोयल को कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर करीब एक बजे सीबीआई विशेष कोर्ट में पेश किया गया।
यादव सिंह को प्राइवेट एंबुलेंस से कोर्ट परिसर तक लाया गया। इसके बाद व्हील चेयर पर कोर्ट में ले जाया गया।
दस आरोपियों को फिर जारी होंगे सम्मन
यादव सिंह मामले में सम्मन जारी होने के बाद से ही सभी आरोपी भूमिगत हो गए हैं। इसी के चलते तीसरी बार भी जारी सम्मन आरोपियों को तामील नहीं कराए जा सके।
सीबीआई सूत्रों की मानें तो आरोपियों के घर पर ज्यादातर ताले लगे मिलते हैं, जबकि कुछ के घर सिर्फ नौकर या अन्य रिश्तेदार मिले। ऐसे में अब आरोपियों के दोबारा से सम्मन जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा एक आरोपी जेपी सिंह के खिलाफ कोर्ट ने बेलेबल वारंट जारी कर रखा है। सीबीआई उसे भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है।