फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   krishnapal gurjar got ticket by modi's friendship

मोदी की दोस्ती ने दिलाया लोकसभा का टिकट

Tue, 18 Mar 2014 12:23 PM IST
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 18 Mar 2014 12:23 PM IST
विज्ञापन
krishnapal gurjar got ticket by modi's friendship

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं तिगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक कृष्णपाल गुर्जर को लोकसभा का टिकट नरेंद्र मोदी एवं सुषमा स्वराज की नजदीकी के कारण मिला है।

विज्ञापन


गुर्जर के रिश्ते आरएसएस से भी काफी अच्छे रहे हैं। पार्टी में पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का फरीदाबाद से पुराना रिश्ता रहा है। वह 1992 से वर्ष 2000 तक हरियाणा के प्रभारी रहे। इसलिए उनका फरीदाबाद में काफी आना-जाना रहा।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें:संगीत सोम नहीं, गाजियाबाद से ये लड़ेंगे भाजपा का चुनाव!


बताया जाता है कि इसी दौरान गुर्जर और उनके बीच अच्छी दोस्ती हो गई। उस दौरान दोनों ने फरीदाबाद में संगठन के लिए काफी काम किया। कुछ दिन पहले फरीदाबाद में हुई एक रैली में मोदी ने खुद कहा था कि वह यहां की सारी समस्याओं से वाकिफ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मोदी ने इस शहर को नजदीक से देखा है। उन्होंने गुर्जर के साथ स्कूटर पर बैठकर यहां की खाक छानी है। यहां मोदी की एक रैली एक मई 2009 को एनआईटी के दशहरा ग्राउंड एवं दूसरी 28 सितंबर 2012 को सेक्टर-12 में हुई। दोनों में उनका कृष्णपाल गुर्जर प्रेम झलका।

यह भी पढ़ें:मिशन मोदी के लिए कौन संभालेगा बीजेपी का मैनेजमेंट?


अबकी गुर्जर के सामने टिकट के दावेदारों में तीन बार सांसद रहे और लालकृष्ण आडवाणी करीबी माने जाने वाले रामचंद्र बैंदा एवं भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष यशवीर डागर, जो अनुराग ठाकुर के नजदीकी माने जाते हैं लेकिन मोदी का करीबी होने के कारण बाजी गुर्जर के हाथ लगी।

गुर्जर के रास्ते में कम नहीं हैं चुनौतियां
फरीदाबाद लोकसभा सीट पर लगातार दो बार से भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ रहा है। 2004 के चुनाव में भाजपा 20.33 फीसदी वोट लेकर तीसरे एवं 2009 में 30.35 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रही थी। गुर्जर जिस विधानसभा के विधायक हैं उसमें लोकसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ 18,459 वोटों से संतोष करना पड़ा था, जबकि यहां कांग्रेस को 32,598 वोट मिले थे। भाजपा एवं कांग्रेस दोनों ने गुर्जर प्रत्याशी, इनेलो ने पंजाबी एवं आम आदमी पार्टी ने जाट को मैदान में उतारा है। ऐसे में गुर्जर वोटों का बिखराव तय है। गुर्जर के लिए जाट वोटरों एवं पूर्व सांसद बैंदा को साथ लेना भी चुनौतीपूर्ण काम है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed