Krishna Janmashtami 2020: इस्कॉन इस साल डिजिटल तरीके से मनाएगा जन्माष्टमी का त्योहार, 11 अगस्त से शुरू होगा महोत्सव
सोहना रोड पर बादशाहपुर के पास स्थित इस्कॉन गुरुग्राम मंदिर 12 अगस्त 2020 को कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है...
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कोरोना वायरस महामारी के बीच इस साल जन्माष्टमी समारोह भी सोशल डिस्टेसिंग के साथ आयोजन किया जाएगा। इस्कॉन मंदिर प्रबंधन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोरोना संक्रमण को ध्यान रखते हुए मंदिर प्रशासन ने भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह को डिजिटल तरीके से मनाया जाएगा। भक्त अपने घर पर बैठकर लाइव दर्शन कर सकते हैं तथा भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, आरती और अभिषेक इत्यादि कर सकते हैं। सभी की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समारोह को डिजिटल तरीके से आयोजित करने का फैसला लिया गया है।
हालांकि समारोह पहले ही शुरू हो चुका है और 4-11 अगस्त तक प्रतिदिन सुंदर गोपाल दास (निदेशक- इस्कॉन यूथ फोरम, दिल्ली) कृष्ण कथा के व्याख्यान का लाइव प्रसारण किया जा रहा है। इन व्याख्यानों के माध्यम से भक्त भगवान कृष्ण के व्यक्तित्व तथा लीलाओं का श्रवण करके अपने मन को संतृप्त कर सकते हैं ताकि वे जन्माष्टमी पर उनके आगमन के दिन पूरे उत्साह के साथ उनका स्वागत कर सकें।
बच्चों के साथ-साथ वयस्क वर्ग के लिए भी कई ऑनलाइन प्रतियोगिताएं शुरू की गई है जैसे- चित्रकला, स्लोगन बनाना, अभिनय, गायन आदि। इसके अलावा, त्यौहार के दिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने वाले कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जैसे- खेल, नाटक, श्लोक पाठ और कृष्ण चरित्रों का पठन इत्यादि।
इस्कॉन गुरुग्राम के अध्यक्ष रामभद्र दास का कहना है कि हम इस त्योहार को तीन दिन मनाएंगे। 11 अगस्त पहला दिन है, जिसमें कोरोना से कृष्ण भक्तों और मानवता की रक्षा के लिए एक नरसिंह अग्नि यज्ञ होगा। जन्माष्टमी के दिन हमेशा की तरह एक विशेष आरती होगी, और रात्रि 10 बजे से मधुर कीर्तन और बहुप्रतीक्षित महाभिषेक का आयोजन किया जायेगा।
सभी भक्त इन कार्यक्रमों को ISKCON Gurugram YouTube चैनल और मंदिर की वेबसाइट http://iskcongurugram.com पर देख सकेंगे। जो कोई भी आरती और अभिषेक अर्पित करने के इच्छुक हैं, वे मंदिर के वेबसाइट पर अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं। मंदिर के ब्रह्मचारी तथा पुजारी, भक्तों की ओर से अभिषेक और पूजा-अर्चना करेंगे। त्योहार खत्म होने के बाद भक्तों के घर पर अभिषेक चरणामृत, प्रसाद और उपहार पहुंचाया जाएगा।
दास ने कहा कि जन्माष्टमी के अगले दिन हम श्रील प्रभुपाद, इस्कॉन संस्था के संस्थापक आचार्य का भी आगमन-दिवस मनाया जाएगा। वह एक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने 70 साल की उम्र में महान कठिनाइयों से गुजरते हुए भारत की गौरवशाली संस्कृति को दुनिया भर में फैलाया है।
इसके अलावा दास ने कहा, “हम आप सबसे अनुरोध करते हैं कि इस दिव्य उत्सव का हिस्सा बनें, भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलदेव और सुभद्रा के साथ श्री श्री राधा दामोदर के दर्शन प्राप्त करें, इस शुभ दिन पर उनका आशीर्वाद लें और आनंद का अनुभव करें। इसके अलावा भक्तगण iskcongururgam.com/seva के जरिए इस त्योहार के अवसर पर अपना महत्वपूर्ण योगदान भी दे सकते हैं।