मोदी के चहेते मंत्री भी कुछ नहीं कर पाए यहां
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फरीदाबाद के तिगांव विधानसभा क्षेत्र में एक नया शहर ग्रेटर फरीदाबाद (ग्रेफ) बस रहा है। लेकिन यहां की समस्याएं भी ग्रेट ही हैं। गांवों की समस्याएं उनसे बड़ी हैं। बिल्डरों, सरकार और राजनीतिक साजिश से जनता परेशान है।
इस क्षेत्र में दो बड़े नेता हैं। भाजपा के कृष्णपाल गुर्जर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चहेते हैं तो कांग्रेस के ललित नागर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के नजदीकी।
इसके बावजूद काम के मामले में क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है। जो भी विकास दिखता है वह सेक्टरों में है। खेड़ी पुल पार करते ही जैसे ही हम किसी गांव की तरफ जाएंगे वहां की हालत खराब मिलेगी। सड़कें जर्जर हैं या फिर उनमें भरा पानी और कीचड़ लोगों का स्वागत करते हैं।
इस क्षेत्र के विधायक कृष्णपाल गुर्जर अब केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं जहाजरानी राज्य मंत्री बन चुके हैं। लेकिन अब तक वह ददसिया गांव की ही सड़क को ठीक नहीं करवा सके हैं। जबकि इस सात किलोमीटर लंबी सड़क से मंवई, वजीरपुर, पलवली एवं बादशाहपुर जैसे गांव भी जुड़े हुए हैं।
'पॉलिटिक्स' का शिकार हुआ ये क्षेत्र
इस सड़क को लेकर भूख हड़ताल कर चुके बाबा रामकेवल कहते हैं कि साल भर पहले तत्कालीन सांसद अवतार भड़ाना, फरीदाबाद शहरी के विधायक आनंद कौशिक एवं कांग्रेस नेता ललित नागर ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन अब तक काम नहीं हुआ। यहां विकास कार्य कुछ नेताओं की राजनीति का शिकार हैं।
जिले का सबसे बड़ा गांव तिगांव इसी क्षेत्र में है। यह वीरों का गांव कहा जाता है। इसके 185 जवानों ने प्रथम विश्वयुद्ध में शिरकत की थी, जिसमें से 37 वीरगति को प्राप्त हुए थे।
उसके बाद लगभग हर लड़ाई में यहां के लोगों ने अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है। लेकिन गांव की हालत खराब है। टूटी सड़कें और उनमें भरा कीचड़ और पानी इसकी उपेक्षा अपने आप बयां कर देते हैं।
इस क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण का मुद्दा बहुत बड़ा है। किसान नेता लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि सरकार ने औने-पौने दामों पर जमीन खरीदकर बिल्डरों को बेच दी। कई गांवों के किसानों ने कम मुआवजे का आरोप लगाकर अब तक पैसा नहीं लिया है। दुर्गा बिल्डर एरिया और त्रिवेणी बिल्डर जैसे प्रॉपर्टी विवाद के बड़े मामले इसी क्षेत्र से हैं।
ग्रेफ के लोगों की समस्या
भौगोलिक स्थिति:
यह क्षेत्र एक तरफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगा हुआ है तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश से। उत्तर प्रदेश और इस क्षेत्र को यमुना नदी ही अलग दिखा पाती है वरना कोई फासला नहीं। लेकिन यह कई मायने में दिल्ली और यूपी दोनों से काफी पिछड़ा हुआ है। इसीलिए इस क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि यमुना पर जल्द से जल्द पुल बने और ग्रेटर नोएडा, नोएडा के विकास की हवा इधर भी आए।
ग्रेफ के लोगों की समस्या:
-अब तक मास्टर रोड पूरा नहीं हुआ है।
-जलापूर्ति के लिए रैनीवेल नहीं बन सके हैं।
-लोगों को जेनरेटर की महंगी बिजली मिल रही है।
-बिल्डरों ने पैसा लेकर फ्लैट नहीं दिया है।
तिगांव: एक नजर में
-कुल वोटर: 2,24,413
-पुरुष वोटर: 1,26,741
-महिला वोटर: 97,672
कांग्रेस की टिकट के मुख्य दावेदार ललित नागर ने कहा कि लोकसभा चुनाव तक यहां के विधायक रहे कृष्णपाल गुर्जर ने क्षेत्र का कोई भला नहीं किया है। उन्होंने अपने निजी काम खूब कराए हैं।
जहां तक केंद्रीय मंत्री बनने के बाद मंझावली पुल का शिलान्यास करने का मामला है तो यह मेरी नजर में सिर्फ चुनावी स्टंट है। क्योंकि पुल के लिए हरियाणा सरकार ने न तो अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया है और न ही अभी इसके लिए जमीन का अधिग्रहण हुआ है।
वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर का कहना है कि मैंने हमेशा तिगांव क्षेत्र के लोगों की सेवा की है। अब भी इस क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाने और इसे पुल द्वारा यूपी से जोड़ने के लिए प्रयासरत हूं। इसके लिए मेरे मंत्रालय ने 200 करोड़ रुपये के पुल को मंजूरी दी है। डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा है। इसे बनने के बाद क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे।