तो क्या कोटला में नहीं हो पाएंगे IPL मैच?
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दक्षिणी नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी, निर्माण संबंधी निर्माण पत्र, लीज फीस इत्यादि को मुद्दा बनाकर फिरोजशाह कोटला मैदान में आईपीएल के मैच करवाने के लिए एनओसी देने से इनकार कर दिया है। निगम ने आरोप लगाया है कि दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहा। इसी कारण उसे एनओसी नहीं दी जाएगी।
कोटला मैदान में आईपीएल के पांच मैच होने हैं। पहला मैच 12 अप्रैल को जबकि अंतिम मैच 1 मई को होना है। मैच करवाने के लिए डीडीसीए ने निगम से एनओसी मांगी है। निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने विधि विभाग को आदेश दिया कि वह दो साल पहले हाईकोर्ट से आए आदेश का अवलोकन करें। साथ ही बताए कि डीडीसीए ने हाईकोर्ट के आदेश के कौन-कौन से बिंदुओं को पूरा नहीं किया।
सूत्रों के अनुसार, डीडीसीए ने दो वर्ष पहले हाईकोर्ट के आए आदेश को पूरा करने की कोई पहल नहीं की। एसोसिएशन ने मैदान का निर्माण पूरा होने का प्रमाण पत्र (सीसी) नहीं लिया है। इसके अलावा बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भी भुगतान नहीं किया है। एसोसिएशन ने मैदान की लीज फीस भी निगम को नहीं दी है। इसकी वजह से निगम ने इस बार कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया है।
टैक्स के मामले पर मच गया है बवाल
अधिकारियों का कहना है कि मैदान का निर्माण पूरा होने के बावजूद डीडीसीए सीसी नहीं ले रहा है। प्र्रॉपर्टी टैक्स नहीं देने के पीछे डीडीसीए तर्क दे रहा है कि जब उसने निर्माण पूरा नहीं होने के चलते मैदान पर कब्जा नहीं लिया है तो टैक्स कैसा। इस मामले में अधिकारी सवाल उठा रहे हैं कि मैदान का निर्माण पूरा नहीं है तो वह आईपीएल और अन्य मैच क्यों करा रहे हैं।
वहीं डीडीसीए से अरुण जेटली के हटने बाद निगम में सत्तारूढ़ भाजपा के पार्षद भी एनओसी देने के मामले में चुप्पी साधे हैं। उन्होंने एक बार भी अधिकारियों से एनओसी देने का आग्रह नहीं किया है।
मैदान में मैच कराने को लेकर निगम और डीडीसीए के बीच 8 साल से सीसी और प्रॉपर्टी टैक्स के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। मामला कई बार कोर्ट भी जा चुका है।