जानिए, दिनदहाड़े हुई इंजीनियर की हत्या का सच
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जिस सिलिकॉन सिटी के पास हत्यारे ने वारदात को अंजाम दिया वहां पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में हमलावर की फुटेज कैद हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावर गठीला बदन वाला शख्स है और उसने टी-शर्ट पहन रखी है।
साथ ही उसके हाथ पर टैटू बना हुआ है। इसकी पुष्टि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गगन ने भी की है। हालांकि पुलिस के हाथ यह फुटेज लगे जरूर हैं लेकिन इंजीनियर हत्याकांड के तीन दिन बाद भी नोएडा पुलिस के हाथ कोई अहम सुराग नहीं लगे हैं।
एसएसपी ने मामले की जांच करने के लिए सेक्टर-49 पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की इन्वेस्टिगेशन विंग को भी लगा रखा है। कई टीमें गठित की गईं। पुलिस इंजीनियर के मोबाइल की डिटेल भी खंगाल रही है कि पिछले कुछ दिनों में किन-किन लोगों ने उनसे बात की।
फिल्मी स्टाइल में हुई थी वारदात
13 अप्रैल को सेक्टर-76 के पास होंडा एकॉर्ड सवार हमलावर टीसीएस के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित चौहान की फॉर्चूनर को ओवरटेक कर सरेशाम गोलियों से भून डाला था।
हत्यारे ने अंकित का पीछा सेक्टर-135 से किया था। हमलावर कितना बेखौफ था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने 15 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद फिल्मी स्टाइल में सड़क के बीचो- बीच अंकित को मौत के घाट उतार कर फरार हो गया था।
ऐसे में दिल्ली से सटे इस शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है।
‘अभिषेक’ अब भी प्राइम सस्पेक्ट
इंजीनियर हत्याकांड में पुलिस अंकित के मामा के बेटे अभिषेक उर्फ राजू और उसके दोस्त गगन को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। डीएसपी राजकुमार मिश्र की मानें तो 10 दिन पूर्व अभिषेक मेरठ स्थित अंकित के घर गया था और उसने शराब पी रखी थी।
उस दौरान करीब आधे घंटे तक वह दरवाजा पीटता रहा और अंकित के पिता व अंकित को जान से मारने की धमकी दे कर चला गया। डर की वजह से अंकित के पिता धर्मवीर चौहान ने दरवाजा नहीं खोला था।
धर्मवीर और उनके साले के बीच करीब 10 वर्षों से विवाद चल रहा है। ऐसे में अभिषेक कई बार धर्मवीर व अंकित को जान से मारने की धमकी दे चुका है। वहीं, गगन से पुलिस तीसरे दिन भी पूछताछ करती रही। राजकुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस अब भी अभिषेक को प्राइम सस्पेक्ट मान रही है। मगर अब तक कोईक्लू नहीं मिला, जिससे हत्या की वजह तक पहुंचा जा सके।
हत्या का बंगलूरू कनेक्शन पत्नी अमीषा से पूछताछ
डीएसपी राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम बुधवार को मेरठ पहुंची। वहां मिश्र ने अंकित की पत्नी अमीषा चौहान के साथ-साथ अंकित के घर वालों से पूछताछ की। पुलिस अंकित के पिता से जुड़े प्रॉपर्टी के कारोबार पर भी नजर रखी हुई है और जांच पड़ताल कर रही।
अमीषा चौहान इंजीनियरिंग की पढ़ाई खत्म करने के बाद एक्सेंचर में जॉब करने बंगलूरू चली गई थी। उस समय अंकित नोएडा में ही जॉब करता था। अंकित की शादी अमीषा से मई 2014 में तय हो गई थी और शादी 10 मार्च 2015 को हुई।
अंकित शादी के पहले अमीषा से मिलने बंगलूरू जाया करता था। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि अंकित की हत्या करने वालों का संबंध कहीं बंगलूरू से तो नहीं जुड़ा है। हालांकि पुलिस की कोई भी टीम अब तक वहां रवाना नहीं की गई है।