दिवाली से पहले जान लीजिए ये 6 खास बातें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिवाली अब ज्यादा दूर नहीं रही। दीपों के पर्व के चलते बाजार दुल्हन की तरह सज गए हैं और लोगों ने घरों को सजाने व अपने प्रियजनों को उपहार देने के लिए जोरशोर से खरीददारी करनी भी शुरू कर दी है।
खाने-पानी के सामान की भी खूब बिक्री हो रही है। त्योहारों पर मिठाइयों की मांग बढ़ जाने से मिलावट का अंदेशा भी बढ़ जाता है, ऐसे में खरीदते वक्त सावधानी जरूर बरतें।
यही नहीं, मिठाइयों में मिलावट के अलावा आतिशबाजी के भी बड़े खतरे और नुकसान हैं। कुछ जगहों पर तो ज्यादा आवाज वाले पटाखे छोड़ने के लिए एक समय निर्धारित किया गया है। उसके बाद अगर कोई पटाखे फोड़ता नजर आया तो मुश्किल में फंस सकता है।
इस दिवाली रखिए इन छह बातों का खास ख्याल ताकि हैप्पी रहे आपकी दिवाली।
ये है सबसे जरूरी बात
बाजारों में मिठाइयों की दुकानें सजने लगी हैं, लेकिन मिठाइयों की खरीददारी करते समय सावधानी जरूर बरतें, ताकि आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ न हो।
त्योहार के मौके पर मांग अधिक बढ़ जाने से मिठाइयों में मिलावट का अंदेशा भी बढ़ जाता है। जानकारों का कहना है कि कोई भी मिठाई, बिस्कुट और चॉकलेट बहुत कम दाम में मिले, तो समझ लें कि वह मिलावटी है। मिलावटखोरी जानने का इससे बेहतर तरीका नहीं है। शंका होने पर स्वास्थ्य विभाग को शिकायत करें।
दूध से बनने वाली मिठाइयों में मिलावट किए जाने का खतरा अधिक होता है, इसलिए ब्रांडेड बिस्कुट, ड्राई फ्रूट, चॉकलेट और बेकरी आइटम विकल्प हो सकते हैं। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अनुसार, अधिकांश मिठाइयां दूध एवं खोये से बनती हैं।
त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इस दौरान अधिक मुनाफा कमाने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। इस कारण दूध और खोये से बनने वाली मिठाइयों में मिलावट की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है।
दूध और खोये से बनी मिठाइयां अधिक समय तक खाने लायक नहीं रह पाती हैं, जबकि चॉकलेट और पैक्ड बिस्कुट एक से तीन माह तक खाए जा सकते हैं। एनएच-पांच स्थित मिठाई की दुकान पर काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि दूध से बनी होने के कारण मिठाइयां एक सप्ताह से ज्यादा समय बाद ठीक नहीं रह पातीं।
ईको फ्रेंडली पटाखे की कीमत सुनी आपने?
दिल्ली के पायवालान बाजार गुलियान पटाखा मार्केट में सबसे महंगा पटाखा 7500 रुपये का है। इसकी खासियत है कि यह 500 सेकेंड में 500 रॉकेट आसमां में तो छोड़ेगा लेकिन ये बिना आवाज व धुएं के सतंरगी रोशनी बिखेरेंगे। उमेश फायर वर्क्स के महेंद्र उमेश के मुताबिक, खास तरह का यह पटाखा दिल्ली मार्केट में पहली बार पहुंचा है।
यह कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के आईपीएल जीतने के जश्न में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करवा चुका है। इसकी सबसे अधिक डिमांड है। अभी तक लगभग पांच हजार से ज्यादा पैकेट बिक चुके हैं।
डेढ़ फीट लंबी फुलझड़ी
रोशनी के त्योहार में बड़े लोग तो पटाखे फोड़ने की हसरत पूरा कर लेते हैं, लेकिन बच्चों को वे दूर से खड़े होकर देखने की ही सलाह देते हैं। हालांकि अब नन्हे-मुन्नों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। शिवकाशी की फैक्ट्रियों से पहली बार चाइल्ड फ्रेंडली पटाखे मार्केट में खुशियों को मनाने के लिए तैयार हैं।
लॉली-पॉप
बस आग लगाते ही तेज आवाज की बजाय अंदर से रोशनी से नहाया प्लास्टिक का बल्ब निकलेगा। 10 पीस की कीमत तीन 100 रुपये है। ये धुआं भी नहीं करेगा। अमूमन लोग दिवाली में 10, 15 सेंटीमीटर की ही फुलझड़ी जलाते रहे हैं। लेकिन पहली बार मार्केट में 75 सेंटीमीटर यानी लगभग डेढ फीट लंबी फुलझड़ी भी आई है, जोकि जलने के साथ-साथ सतरंगी रोशनी बिखरेगी। इसकी कीमत 200 रुपये प्रति पीस है।
सीटी वाली फुलझड़ी
छोटे बच्चों को फुलझड़ी जलाने का शौक होता है। इसी के चलते सीटी वाली फुलझड़ी भी बेहद खास है। 100 पीस की कीमत 250 रुपये है।
मनी-स्पाइन
देखने में आम सा छोटा पटाखा और अंदर से जलते ही जुगनू बिखरेंगे। इसके 120 रुपये में 20 पीस मिल रहे हैं।
तेज आवाज वाले पटाखे बेचने पर कटेगा चालान
फरीदाबाद के बाजारों व रिहायशी क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री और भंडारण नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति निर्धारित से अधिक मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण नहीं करेगा। खतरनाक पटाखों की बिक्री नहीं होगी।
आतिशबाजी सुबह छह से रात दस बजे तक होगी। इसके बाद अनुमति नहीं होगी। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, न्यायालयों और धार्मिक स्थलों आदि से 100 मीटर दूरी तक के क्षेत्र में पटाखे नहीं चलाए जा सकेंगे।
उपायुक्त विजय सिंह दहिया ने बताया कि पटाखों की बिक्री 21 से 23 तक सुबह दस से शाम सात बजे तक ही होगी। तेज धमाके वाले पटाखे बेचने पर चालान कटेगा।
कहां-कहां बिक्री
•एनएच-एक से पांच तक क्षेत्र के लिए दशहरा ग्राउंड, एनआईटी
•डबुआ, सारन व जवाहर कॉलोनी के लिए सेक्टर-52 का खुला मैदान
•ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र के लिए टाउन पार्क व आबकारी कार्यालय के नजदीक
•सेक्टर-37, सराय ख्वाजा क्षेत्र के लिए गुड़गांव कैनाल के नजदीक खुला मैदान
•बल्लभगढ़ क्षेत्र के लिए दशहरा ग्राउंड
•सेक्टर-4 से 10, 22, 23 व 24 क्षेत्र के लिए दशहरा ग्राउंड सेक्टर-8 के पास खुला मैदान, ईएसआई अस्पताल के पास।
लाइसेंस लेना जरूरी होगा
दिवाली पर प्रशासन ने पटाखों की बिक्री के लिए स्थान निर्धारित कर दिया है। इसके अलावा अन्य किसी भी जगह पर इनकी बिक्री पर रोक रहेगी। पटाखों की बिक्री 22 से 24 अक्टूबर तक सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित स्थानों पर होगी। जिलाधीश संजय जून ने कहा कि कोई भी दुकानदार या व्यक्ति बिना लाइसेंस प्राप्त के पटाखों की बिक्री या फिर भंडारण नहीं कर सकता है।
नूंह में पटाखों की बिक्री के लिए नई अनाज मंडी और नई सब्जीमंडी, तावड़ू कस्बा में पंच गांव रोड पर मीट मार्केट, फिरोजपुर झिरका में नवाब समशूद्दीन पार्क, पुन्हाना, नगीना और पिनगवां में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के खेल मैदान निर्धारित किए गए हैं।
एरोमिक दीये और कैंडल से रोशन होगा घर
इस दिवाली घर एरोमिक दीये और कैंडल से रोशन होगा। इसकी रोशनी जहां मां लक्ष्मी का स्वागत करेगी वहीं इससे निकलने वाली खुशबू मानसिक शांति देगी। यही नतीजा है कि शहर में इस बार इनकी मांग ज्यादा है। घर सजाने के साथ ही लोग उपहार देने के लिए भी एरोमिक दीये और कैंडल की खरीदारी कर रहे हैं।
दिवाली में कुछ दिन ही शेष रह गए हैं। बाजार तो पहले ही सज गए थे, अब खरीदारी भी शुरू हो गई है। एनएच-5 स्थित दुकान की संचालिका रश्मि टंडन ने बताया कि लोग घरों के साथ ही उपहार देने के लिए भी दियों की खरीदारी कर रहे हैं।
500 सेकेंड में छूटेंगे 500 रॉकेट
राजधानी दिल्ली समेत देशभर में ये दिवाली खास तरह से रोशन होगी। क्योंकि इसके सेलीब्रेशन में केवल भारतीय आतिशबाजों की मेहनत व तकनीक प्रयोग होगी। मार्केट में दक्षिण भारत की पटाखा फैक्ट्रियों (शिवकाशी) में तैयार पटाखे ही उपलब्ध हैं।
भारत सरकार की पाबंदी के चलते चाइनीज पटाखे इस बार पूरी तरह से नदारद रहेंगे। इस बार देसी आतिशबाजी में साइलेंट क्रैकर्स की धूम रहेगी। इसकी खासियत यह है कि यह 500 सेकेंड में 500 रॉकेट आसमां में भेजेगा जो खामोश लेकिन सतरंगी रोशनी बिखेरेंगे। ये बेआवाज पटाखा बिना धुआं दिए पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचाएगा। वहीं, पहली बार चाइल्ड फ्रेंडली पटाखे भी बच्चों संग खुशियां रोशन करने को तैयार हैं।
राजधानी की होलसेल मार्केट पुरानी दिल्ली स्थित पायवालान बाजार, गुलियान व सदर बाजार में शिवकाशी मेड पटाखों की ही धूम है। दुकानदारों के मुताबिक, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा चाइनीज पटाखों की बिक्री पर रोक से केवल मेड इन इंडिया पटाखों की ही मांग है। जबकि पहले सस्ते व आधुनिक तकनीक से तैयार होने के चलते चाइनीज पटाखे की मांग ज्यादा बढ़ गई थी।
हालांकि पिछली दिवाली के मुकाबले पटाखों के दामों में 15 से 20 फीसदी की गिरावट आई है। क्योंकि अधिकतर दुकानदार अपना पुराना माल निकालने में लगे हैं।
आईएनए दिल्ली हाट में जलेंगे 4000 दीये
राजधानी में अब आईएनए दिल्ली हाट भी रोशनी का त्योहार मनाने को तैयार है। दिल्ली पर्यटन विभाग दिवाली के मौके पर दीपोत्सव का आयोजन कर रहा है। इसके तहत सोमवार को हाट को चार हजार दीयों से रोशन किया जाएगा।
दिल्ली पर्यटन विभाग के अधिकारी सुधीर सोबती के मुताबिक, 23 अक्तूबर तक दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत ही सोमवार (20 अक्तूबर) को अक्षय पात्रा संस्था यहां चार हजार दीये जलाएगी। यह संस्था कुपोषण व भूख से लड़ने में लोगों को पैसे व खाना मुहैया करवाकर मदद करती है।
हाट में दर्शकों के लिए हाथ से तैयार मिट्टी के डिजाइनर दीये भी उपलब्ध होंगे। यहां टेराकोटा, वैक्स, मोम के दीये समेत मोमबत्ती, पूजा की थाली, भगवान लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा वाले दीये भी उपलब्ध हैं, जोकि देशभर के कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हैं। वहीं, घर की सजावट में प्रयोग होने वाली लड़ियां, झालर, पर्दे, लैंप आदि की भी काफी वैरायटी मौजूद है।