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माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का पुनर्गठन: दिल्ली से केके शर्मा बने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सदस्य
Thu, 17 Mar 2022 11:37 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली
Published by: आकाश दुबे
Updated Thu, 17 Mar 2022 11:37 PM IST
सार
जानकारी के अनुसार बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बोर्ड का पुनर्गठन कर अधिसूचना जारी की है। जिसमें जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी डॉ. अशोक भान, दिल्ली से एमिल फॉर्मास्युटिकल के चेयरमेन केके शर्मा और समाजसेवी कुलभूषण आहूजा सहित आठ सदस्यों को शामिल किया गया है।
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श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का पुनर्गठन
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
देश की राजधानी से लगातार दूसरी बार समाजसेवी केके शर्मा को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया। बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बोर्ड का पुनर्गठन कर अधिसूचना जारी की है। जानकारी के अनुसार बोर्ड में जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी डॉ. अशोक भान, दिल्ली से एमिल फॉर्मास्युटिकल के चेयरमेन केके शर्मा और समाजसेवी कुलभूषण आहूजा सहित आठ सदस्यों को शामिल किया गया है।
गुरुवार को केके शर्मा ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि हर वर्ष मां वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। कोरोना महामारी के दौरान काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके मां के दरबार में सालाना 80 लाख से भी ज्यादा लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वे मां वैष्णो देवी की यात्रा को और सुगम बनाने के लिए प्रयास करेंगे। साथ ही बोर्ड की आगामी बैठक में इसे लेकर वे प्रस्ताव भी रखने वाले हैं। इसके तहत कटरा से अर्धक्वारी और अर्धक्वारी से भवन तक रोप वे का निर्माण, दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की वापसी के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने पर विशेष जोर रहेगा।
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इतना ही नहीं दरबार में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी कुछ विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। जिस प्रकार तिरुपति बालाजी में श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होने पर उन्हें जगह-जगह वेटिंग हाल में रोक लिया जाता है, उसी प्रकार वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान भी किए जा सकते हैं। इस पर बोर्ड की बैठक में सुझाव दिया जाएगा।
बोर्ड में यह भी शामिल
बोर्ड में महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी महाराज, डॉ. नीलम सरीन, बालेश्वर राय, सुरेश कुमार शर्मा और रघु के. मेहता भी शामिल हैं। इनका कार्यकाल तीन साल के लिए होगा। इससे पहले साल 2019 में भी बोर्ड गठन के दौरान भी केके शर्मा को शामिल किया गया था।
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गुरुवार को केके शर्मा ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि हर वर्ष मां वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। कोरोना महामारी के दौरान काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके मां के दरबार में सालाना 80 लाख से भी ज्यादा लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि वे मां वैष्णो देवी की यात्रा को और सुगम बनाने के लिए प्रयास करेंगे। साथ ही बोर्ड की आगामी बैठक में इसे लेकर वे प्रस्ताव भी रखने वाले हैं। इसके तहत कटरा से अर्धक्वारी और अर्धक्वारी से भवन तक रोप वे का निर्माण, दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की वापसी के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने पर विशेष जोर रहेगा।
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इतना ही नहीं दरबार में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी कुछ विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। जिस प्रकार तिरुपति बालाजी में श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होने पर उन्हें जगह-जगह वेटिंग हाल में रोक लिया जाता है, उसी प्रकार वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान भी किए जा सकते हैं। इस पर बोर्ड की बैठक में सुझाव दिया जाएगा।
बोर्ड में यह भी शामिल
बोर्ड में महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी महाराज, डॉ. नीलम सरीन, बालेश्वर राय, सुरेश कुमार शर्मा और रघु के. मेहता भी शामिल हैं। इनका कार्यकाल तीन साल के लिए होगा। इससे पहले साल 2019 में भी बोर्ड गठन के दौरान भी केके शर्मा को शामिल किया गया था।