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'हमें चाहिए खुलेआम चुंबन की आजादी'

Sun, 09 Nov 2014 03:12 PM IST
Updated Sun, 09 Nov 2014 03:12 PM IST
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kiss of love- youth demand freedom of kiss

देश में विकास की बात हो रही है। देश को आगे ले जाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने की बात हो रही है। फिर किस देकर प्यार जताने वालों के ऊपर परंपरा व संस्कृति का हवाला देकर हमारे साथ मारपीट क्यों की जा रही है।

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हमें आजादी चाहिए, घूमने-फिरने की, पहनने-खाने की। फिर चाहे खुलकर चूमने की आजादी ही क्यों ना हो। ये कहना है कि दिल्ली के युवाओं का। जो किस ऑफ लव के लिए फेसबुक पेज पर मिले बुलावे में शामिल होने के लिए बिना किसी बैनर के सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए।
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बिना किसी संगठन, बैनर के सोशल मीडिया पर मिले बुलावे में पहुंचे छात्रों में किस ऑफ लव के लिए जबरदस्त जोश देखने को मिला।

खुल्लम खुल्ला प्यार करेंगे हम...

kiss of love- youth demand freedom of kiss

प्रदर्शनकारी खुल्लम खुल्ला प्यार करेंगे हम दोनों, इस दुनिया से नहीं डरेंगे हम दोनों, प्यार किया तो डरना क्या प्यार किया कोई चोरी नहीं की......जैसे गानों को पूरे जोश के साथ गाकर किस ऑफ लव का समर्थन कर रहे थे।

युवाओं का कहना है कि क्या हम किसी को प्यार से चूम भी नहीं सकते। यह हमारा अधिकार है कि हम किसी को गले लगाकर प्यार जताते है या किस करके। वहां पहुंच कई लोगों ने एक दूसरे को किस करके भी अपना प्यार जताया।

वहां हिंदू सेना के विरोध के बाद भी अपने दोस्तों को किस करके अपनी आजादी की मांग की। युवाओं का कहना है कि वह हमें मोरल लेक्चर ना सुनाएं। हमें आजादी से जीने दिया जाए। परंपरा संस्कृति का ठेका लेकर प्यार करने वालों के ऊपर डंडे ना बरसाएं जाएं। युवाओं का सड़कों पर जोश देखने लायक था।

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'कामसूत्र के बारे में नहीं जानते ये लोग'

kiss of love- youth demand freedom of kiss

डीयू स्टूडेंट की छात्रा ईशिता ने कहा कि परंपरा, संस्कृति के नाम पर किसी को समाज का ठेकेदार बनने की जरूरत नहीं है। हम आजाद देश में है सभी को अपना प्यार दिखाने व किसी भी तरह से जताने का अधिकार है। उस पर किसी की रोकटोक नहीं सहेंगे। यह छोटी सोच को दिखाता है।

उसके साथ मौजूद दीप्ति ने कहा कि हमें चूमने की आजादी चाहिए। देश में विकास की बात हो रही है। तकनीकी में हम तेजी से बढ़ रहे है। आजाद देश में रहते है। फिर हमें किस करने से क्यों रोका जा रहा है? आप किसी के दिल व भावनाओं पर ताला नहीं लगा सकते है। हमें प्यार में किस करने, किसी को गले लगाने की आजादी चाहिए।

स्टूडेंट जेएनयू सुमितरन बासु का कहना है कि अपनी सोच को आप दूसरे पर कैसे थोप सकते हैं। जब हमें खाने, घूमने की आजादी है तो आप क्यों किसी को प्यार में किस करने पर उसकी पिटाई करते है। वहां भी उसे आजादी से अपने प्यार को जताने का हक है। फिर वह किस देकर ही क्यों न हो?

हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता ने कहा कि यह हमारे देश की परंपरा नहीं है। यह अंग्रेजों के चोंचले हैं। इससे हम अपनी संस्कृति व परंपरा को मैला नहीं होने देंगे। जो किस ऑफ लव जैसी बात कर रहे हैं वह असल में कामसूत्र के बारे में ठीक से नहीं जानते।

हम सड़कों पर प्यार जताने के लिए किस कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे चंद लोगों के कारण समाज बिगड़ रहा है। हम इसका विरोध कर रहे हैं आगे भी करते रहेंगे। यह किसी भी हालात में मानने वाली बात नहीं है। यह समाज को गंदा कर रहे हैं।

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बेबस नजर आई पुलिस

kiss of love- youth demand freedom of kiss

किस ऑफ लव के समर्थन में मार्च निकाल रहे छात्र-छात्राओं को रोकने में पुलिस बेबस नजर आई। दरअसल, मार्च निकाल रहे लोगों में सबसे ज्यादा लड़कियां थीं। जबकि वहां इन्हें संभालने के लिए सिर्फ दो महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं।

नतीजतन जब पुलिस ने उन्हें झंडेवालान मंदिर गोल चक्कर के पास रोकने की कोशिश की तो पुलिस को मजबूरन उन्हें जाने देना पड़ा।

इसके बाद पुलिस ने दो बार और घेरा बनाकर रोकने की कोशिश की मगर महिला पुलिसकर्मियों के नहीं होने के कारण वह उन्हें हाथ तक नहीं लगा पाए। पुलिस सिर्फ उनके पीछे भागती रही। अंत में उन्हें आरएसएस मुख्यालय के पास बैरिकेड व रस्सी लगाकर रोकना पड़ा।

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