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DDCA : वीडियो में दिखी जेटली-आजाद की सच्चाई

Sun, 20 Dec 2015 09:48 PM IST
Updated Sun, 20 Dec 2015 09:48 PM IST
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Kirti azad released video on ddca scam in delhi

डीडीसीए में कथित घोटाले पर विकिलीक्स फॉर इंडिया के साथ मिलकर जारी किए गए 36 सेकेंड के प्रोमो के बाद भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले का पूरा वीडियो जारी कर दिया।

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दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कीर्ति आजाद पत्रकारों को विकिलीक्स फॉर इंडिया द्वारा बनाया गया वीडियो दिखाया। साथ ही 11 मिनट की एक सीडी भी जारी की।
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इस प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि पिछले दस साल में डीडीसीए में 400 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है जिनसे संबंधित तथ्य वीडियो में होने की बात भी उन्होंने कही।
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इससे पहले रविवार सुबह कीर्ति आजाद ने ट्वीट कर बताया था कि विकिलीक्स फॉर इंडिया ने डीडीसीए के अधिकारियों पर एक स्टिंग ऑपरेशन किया है। इस स्टिंग ऑपरेशन का 36 सेकेंड का प्रोमो यूट्यूब पर जारी किया गया था।

लैपटॉप के लिए दिया गया 16000 किराया

Kirti azad released video on ddca scam in delhi

इसस पहले प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत करते हुए कीर्ति आजाद ने वित्त मंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ है।

इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई में उनके साथ हूं।

इस दौरा सोशल मीडिया और ट्वीटर पर #KirtiAzadExposesJaitley नाम का हैशटैग वायरल हो गया है जिस पर लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि जहां एक लैपटॉप के लिए 16000 रुपये किराया दिया जाता है वहां भ्रष्टाचार के स्तर की कल्पना ही की जा सकती है।

बिना पते वाली कंपनियों को दिए गए ठेके

Kirti azad released video on ddca scam in delhi

कीर्ति आजाद ने जो वीडियो दिखाया उसमें दावा किया गया जिन कंपनियों को ठेके दिए गए वो वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं हैं। जब दस्तावेजों में दिए गए पते पर विकिलीक्स फॉर इंडिया के लोग पहुंचे तो पाया कि वहां कोई मौजूद ही नहीं था।

यानि फर्जी पते की 14 कंपनियों को काम के टेंडर दिए गए थे। इतना ही नहीं बिना किसी जांच के ही इन कंपनियों को भुगतान जारी किए गए। कीर्ति आजाद का आरोप है कि बिलों को पास कराने के लिए एग्जिक्युटिव स्तर तक की कोई बैठक नहीं की गई।

हालांकि इस बारे में जानकारों का कहना है कि इस तरह के आरोप पहले भी लगाए जाते रहे हैं और ऐसे तथ्य पहले भी दिखाए गए हैं। इसमें कुछ भी नया नहीं है।

जेटली और आजाद में बहस का भी विडियो

Kirti azad released video on ddca scam in delhi

विकिलीक्स फॉर इंडिया के इस वीडियों में एक ऐसा हिस्सा भी है जिसमें कीर्ति आजाद और अरुण जेटली के बीच एक मीटिंग में बहस होती है जो काफी लंबी चलती है।

डीडीसीए की वार्षिक बैठक के इस वीडियो में कीर्ति आजाद अरुण जेटली की एक कंपनी और उसके लेखे-जोखे पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहे हैं। कीर्ति आजाद भरी मीटिंग में आरोप लगाते हैं कि ऐसे कई बिल हैं जिनमें अरुण जेटली के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।
 
चौंकाने वाली बात ये है कि इस वीडियो में दिखाया गया है कि एक प्रिंटर के लिए प्रतिदिन का 3000 रुपये का किराया दिया गया है साथ ही 16900 रुपये के किराए पर लैपटॉप लिए गए।

आजाद का आरोप है कि जिस दौरान अरुण जेटली DDCA के अध्यक्ष थे उस दौरान पिछले 10 साल में डीडीसीए में 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की हेराफेरी हुई।

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