केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार को मिली जमानत
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केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव और भ्रष्टाचार के आरोपी राजेंद्र कुमार को आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया।
राजेंद्र कुमार को एक लाख के निजी मुचलके पर रिहा किया गया है। कुमार पर सरकारी पद पर रहते हुए अपनी कंपनी बनाकर उसे लाभ पहुंचाने का आरोप लगा है। उनकी जमानत याचिका पर आज सुनवाई होनी थी जिसके दौरान ही उन्हें जमानत पर रिहा किया गया है।
सीबीआई ने इस मामले में राजेंद्र कुमार और दिनेश कुमार गुप्ता के अलावा तरुण शर्मा, अशोक कुमार, संदीप कुमार को चार जुलाई को गिरफ्तार किया था।
पांच आरोपी निजी कंपनी इएसपीएल को ठेके देने में फायदा पहुंचा रहे थे
सीबीआई ने इसके बाद नौ जुलाई को इंटेलीजेंट कम्यूनिकेशन सिस्टम इंडिया लिमिटेड (आईसीएसआईएल) के मौजूदा निदेशक आरएस कौशिश व पूर्व निदेशक जीके नंदा को भी गिरफ्तार कर लिया था।
एजेंसी के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार पांच आरोपी निजी कंपनी इएसपीएल को ठेके देने में फायदा पहुंचा रहे थे। ईएसपीएल का गठन राजेंद्र कुमार ने करवाया था ताकि उसे 50 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके दिए जा सकें।
सीबीआई ने इस मामले में 14 दिसंबर 2015 को एफआईआर दर्ज की थी। एजेंसी का आरोप था कि पिछले कई सालों में ईएसपीएल को दिल्ली सरकार के ठेके देने में राजेंद्र कुमार ने उसका पक्ष लिया और अपने पद का दुरुपयोग किया।
एजेंसी का आरोप है कि निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिये साजिश रची और 2007 से 2015 के बीच दिल्ली सरकार के ठेके देने में सरकारी खजाने को 12 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। निजी कंपनी को ठेका देने में सरकारी अधिकारियों ने तीन करोड़ रुपयों का गलत लाभ उठाया।