केजरीवाल के वार का काम से जवाब देगी केंद्र सरकार, आवाजाही से मकान तक जोर
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पूरी दिल्ली सरकार बेशक केंद्र पर लगातार हमलावर है। बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर काम न करने देने का आरोप लगाया जा रहा है।
लेकिन केंद्र सरकार सियासी बयानबाजी में उलझने को तैयार नहीं है। केंद्र इसकी जगह दिल्ली समेत एनसीआर के विकास के लिये नई-नई योजनाएं लांच कर रहा है।केंद्र ने बीते एक महीने में अकेले दिल्ली के लिए हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के लिए फंड भी आवंटित किया है।
केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने बीते दिन इस रणनीति की तरफ इशारा भी किया। बकौल नायडू, केजरीवाल एड (विज्ञापन) देते हैं, हम एड (विकास कार्यों का विस्तार) करते हैं।
मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार पूरी तरह सियासी बयानबाजी को दरकिनार कर रही है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को अपने दायरे के भीतर विकास कार्यों पर प्रोजेक्ट लाने के लिये उतार दिया गया है।
दिल्ली के लिए कई विकास योजनाओं का किया ऐलान
इस दिशा में काम करते हुए मंत्रालय ने दिल्ली की ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिये पांच प्रोजेक्ट को बजट दिया। वहीं, संस्थागत सुविधाओं के विकास के लिये केंद्र एक रुपये सालाना की दर पर जमीन देगा।
जबकि एनसीआर की आवाजाही सुगम करने के लिये रीजनल रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) को भी हरी झंडी दिखाई है। दूसरी तरफ आवासीय समस्या के मद्देनजर सात सरकारी कालोनियों के पुनर्विकास की योजना भी लांच की है।
यहां बनने वाले नए मकानों को आम लोग भी खरीद सकेंगे। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों की प्रक्रिया को सामान्य करने के लिए एनडीएमसी एरिया में ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी गई है।
फिर, एनडीएमसी को पहले फेज में ही स्मार्ट बनाया जा रहा है। मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि आने वाले दिनों में दूसरे कई प्रोजेक्ट भी लांच किये जाएंगे। सरकार की कोशिश है कि आम लोगों को यह भरोसा दिलाया जाए कि सिर्फ केंद्र सरकार ही दिल्ली वासियों के लिए काम कर रही है।