हाईकोर्ट जाएंगे केजरीवाल ताकि MCD इलेक्शन में हो इस खास तरह की EVM का इस्तेमाल
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मीडिया के बीच कई प्रेस कांफ्रेंस करने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब ईवीएम की जंग को हाईकोर्ट ले जाने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल आगामी एमसीडी इलेक्शन में ईवीएम के साथ वीवीपीएटी मशीन अटैच करने की अपील हाईकोर्ट में करने वाले हैं।
दरअसल आम आदमी पार्टी चाहती है कि 23 अप्रैल को होने वाले दिल्ली नगर निगम के चुनाव उन्हीं ईवीएम मशीनों से हों जिनमें कागज की पर्ची निकालने वाली वीवीपीएटी मशीन अटैच हो।
वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट मशीन या वीवीपीएटी मशीन मतदाता को वो पर्ची देती है जिसमें उसके द्वारा वोट दी गई पार्टी का चुनाव चिन्ह अंकित होता है। यह स्लिप कुछ देर बाद अपने आप ही एक सील्ड बॉक्स में गिर जाती है।
चुनाव आयोग से चल रही है केजरीवाल की जंग
करीब एक हफ्ते पहले ही मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली के चुनाव आयुक्त एसके श्रीवास्तव को एमसीडी इलेक्शन में उपयोग के लिए राजस्थान से मंगाए जा रहे जेनरेशन-1 के ईवीएम के बारे में पत्र लिखा था।
इस पत्र में केजरीवाल ने राज्य चुनाव आयुक्त से सवाल किया था कि आखिर आगामी चुनावों के लिए वो मशीनें क्यों मंगाई जा रही हैं जो वीवीपीएटी मशीन से नहीं जुड़ सकती हैं।
एमसीडी चुनाव को देखते हुए केजरीवाल ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर हमला बोलते रहे हैं। इस मामले में केजरीवाल ने चुनाव आयोग को 'धृतराष्ट्र' तक कह दिया था जो दुर्योधन को किसी भी कीमत पर जीतना देखना चाहता है।
उनके इस कथन के लिए दिल्ली भाजपा ने केजरीवाल के खिलाफ पुलिस में भी शिकायत की है। वहीं केजरीवाल व अन्य नेताओं द्वारा ईवीएम से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाए जाने पर चुनाव आयोग ने ओपन चैलेंज भी रखा था कि जो भी चाहे हमारी मशीनों को हैक करके दिखा दे। इस पर केजरीवाल ने ईवीएम हैक करने के 10 तरीके बताए थे।