पोस्टर वार में केजरी का U-टर्न, हटे विवादित ऐड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में छिड़े पोस्टर-होर्डिंग वार थामने की कोशिश अरविंद केजरीवाल ने ही शुरू कर दी है। मंगलवार को सरकार ने ‘वो परेशान करते रहे, हम काम करते रहे और प्रधानमंत्री से काम करने देने की अपील’ जैसे विज्ञापन हटाने के निर्देश संबंधित एजेंसियों को दे दिए हैं।
इसे भाजपा के पलटवार से बचाव के रूप में भी देखा जा रहा है। भाजपा विधायक ओपी शर्मा, नेता आरपी सिंह समेत कुछ संगठनों ने भी अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया पर सीधे हमले वाले होर्डिंग लगाने शुरू कर दिए थे।
यह अलग बात है कि सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के निधन की दुखद घड़ी में उनके आत्म सम्मान में क्रिएटिव आउटडोर विज्ञापन हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारी बता रहे हैं कि देश में राष्ट्रीय शोक चल रहा है, ऐसे समय में इस तरह के विज्ञापन सड़क पर न हों, इसलिए हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों ने उठाए थे सवाल
हालांकि इसकी गारंटी नहीं है कि विज्ञापन हटाए जाने के बाद दूसरे इसी श्रेणी के विज्ञापन नहीं लगेंगे।
सूत्रों के अनुसार राजधानी में 1200 साइट्स पर केजरीवाल ने रचा इतिहास और अपरोक्ष रूप से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर हमले वाले होर्डिंग लगाए गए हैं। इसमें 550 साइट्स बस स्टैंड और शौचालयों के बाहरी डिस्प्ले में लगे हैं।
इनका किराया एक-डेढ़ लाख रुपये है। बताते हैं कि एक बार विज्ञापन लगने के बाद राशि का भुगतान करना होता है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार के 526 करोड़ रुपये के विज्ञापन बजट से कांग्रेस व भाजपा हमला कर रही है।
इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कोर्ट में केस भी दाखिल किया है। बताते हैं कि कोर्ट ने केंद्र सरकार से मामले में रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में हो सकता है कि विज्ञापन मामलों पर बनी कमेटी ने रिपोर्ट तलब की हो।