ढाई घंटे चला 'टॉक टू एके', सुझाव और सवालों से खुश केजरीवाल ने कहा फिर मिलेंगे
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दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की जनता से सीधी बात करने की पहल जिसे टॉक टू एके नाम से रविवार को पहली बार लाइव चलाया गया उसमें दिल्ली सहित कई राज्य के लोगों ने फोन और ट्वीटर के माध्यम से अपने सवाल रखे और सरकार को सुझाव भी दिए।
लगभग ढाई घंटे चले इस कार्यक्रम का संयोजन संगीत की दुनिया के नामी शख्य विशाल डडलानी ने किया जबकि इस पूरी बातचीत में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे।
जहां ज्यादातर सवालों के जवाब खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिए वहीं बीच-बीच में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी कई सवालों के जवाब दिए।
कार्यक्रम के अंत में केजरीवाल ने कहा कि इस बातचीत को वो आगे भी जारी रखेंगे और संभव हुआ तो महीने डेढ़ महीने के भीतर ही इसे दोबारा शुरु किया जा सकता है। केजरीवाल ने कहा कि कई बार जनता के पास सरकारों से ज्यादा अच्छे सुझाव होते हैं इसलिए अगली बार से हम कोशिश करेंगे कि इसमें जितना संभव हो सके लोगों के सुझावों को भी शामिल किया जा सके।
बताया कैसे रुकेगी किसानों की आत्महत्या
रविवार को टॉकटूएके कार्यक्रम की शुरुआत के साथ केजरीवाल ने जनता से सीधे सवाल लेने से पहले लगभग आधे घंटे तक आप सरकार की उपलब्धियों और अब तक किए कामों को बताया।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि अगर सरकार चाहे तो देश में किसानों की आत्मत्या को रोका जा सकता है। केजरीवाल ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ये चार कदम उठा ले तो हजारों किसान को मौत के मुंह में जाने से रोका जा सकता है...
1: किसानों का कर्ज पूरी तरह माफ कर दिया जाए।
2: किसानों के हित में बनाई गई स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू किया जाए।
3: किसी भी तरह की आपदा के बाद केंद्र सरकार किसानों को उनकी फसल का पूरा और उचित मुआवजा देना शुरु कर दे।
4: सभी किसानों को सरकारी अस्पतालों में इलाज और दवाइयां मुफ्त में दी जाएं
इसके साथ ही केजरीवाल ने निम्न बिंदुओं पर भी अपनी सरकार की उपब्धियां गिनाईं...
1: केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों में लगने वाली लागत को आधा किया और इससे बचे पैसों को हमने दिल्ली के विकास में लगाया और टैक्स में कमी की।
2: देश में पहली बार आम आदमी पार्टी की सरकार ने शिक्षा के बजट को दो गुना कर पांच हजार करोड़ से बढ़ा कर दस हजार करोड़ कर दिया।
3: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में टॉयलेट और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए।
4: सरकारी स्कूलों की मैपिंग कराई जिससे पता चला कि एक-एक क्लास रूम में 150 से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं।
5: आप की सरकार ने एक साल के अंदर 45 नए स्कूल खोले जा चुके हैं।
6: जल्द ही 100 नए स्कूल खोले जाएंगे जिनका निर्माण काम देश के अच्छे इंजीनियरों से कराया जाएगा।
कार्यक्रम को लाइव www.talktoak.com पर देखा गया। टॉक टू एके कार्यक्रम के लिए एक वेबसाइट भी लांच की गई थी जिसे फेसबुक, यूट्यूब, ट्विटर से भी जोड़ा गया था। इनके माध्यम से भी लोगों ने सीधे सवाल किए।
मन की बात का जवाब है 'टॉक टू एके'
दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि जनता अपने नेता से दोतरफा संवाद चाहती है, इसी को ध्यान में रख कार्यक्रम तैयार किया गया है।
हर महीने एक घंटे के लिए टॉक टू एके कार्यक्रम आयोजित किया गया। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का जवाब केजरीवाल जनता के मन की बात कार्यक्रम से दे रहे हैं।
दरअसल, पिछले दिनों आम आदमी पार्टी के विधायकों की अलग-अलग मामले में गिरफ्तारी, सरकार के मंत्री के बाद केजरीवाल के प्रधान सचिव की गिरफ्तारी से पार्टी की छवि खराब होने लगी है। ऐसे में जनता में पार्टी और सरकार के प्रति नकारात्मक संदेश न जाए इसलिए केजरीवाल सीधे आम लोगों से बात करने का कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं।
जनता के साथ धोखा है टॉक टू एके : उपाध्याय
उपाध्याय ने कहा कि टॉक टू एके से बड़ा छलावा कोई हो नहीं सकता, क्योंकि सरकार पहले ही कह चुकी है कि देशभर से 50 हजार सवाल लोगों से मिल चुके हैं। ऐसे में यह तय है कि मुख्यमंत्री उन्हीं में से चुने हुए स्वरुचि वाले सवालों के उत्तर देंगे। इनमें से अधिकतर सवाल अन्य राज्यों विशेषकर पंजाब एवं गोवा के लोगों के होंगे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से वहन किए जा रहे खर्च वाले टॉक टू एके कार्यक्रम में दिल्ली की जनता के सवालों के उत्तर दिए जाने चाहिए। लेकिन असल में यह कार्यक्रम केजरीवाल के सियासी विस्तार के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने प्रसिद्ध गायक-संगीतकार विशाल डडलानी को कार्यक्रम का एंकर बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि डडलानी को एंकर चुनने के पीछे उनकी प्रसिद्धि का लाभ उठाने की मंशा है, क्योंकि केजरीवाल जानते हैं कि लोग उनको देखना नहीं चाहते। उन्होंने एक सरकारी कार्यक्रम के प्रचार में केजरीवाल को अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न वाली टोपी पहने दिखाए जाने पर भी एतराज जताया है।