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कोरोना रोकना है तो किसी आंदोलन की तरह मास्क लगाने का करना होगा प्रचारः केजरीवाल
Fri, 06 Nov 2020 04:50 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 06 Nov 2020 04:50 PM IST
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अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter @CMODelhi
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दिल्ली में बढ़ती कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मास्क लगाने का प्रचार किसी आंदोलन की तरह किए जाने की जरूरत है।
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मुख्यमंत्री ने मुंडका में पीडब्ल्यूडी की एक परियोजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जिस प्रकार से लोगों ने कोरोना वायरस की पहले की दो लहर का सामना किया है, वैसे ही वे तीसरी लहर का भी सामना करेंगे और यह जल्द ही समाप्त हो जाएगी।
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उन्होंने कहा, जब तक कोरोना वायरस की कोई दवा नहीं आती तब तक मास्क ही दवा है। कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ यह सबसे बड़ा बचाव है। हमें मास्क लगाने का प्रचार प्रसार एक आंदोलन की तरह करने की जरूरत है।
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केजरीवाल ने कहा कि मार्च में संक्रमण प्रभावित देशों से 32,000 भारतीय लौटे, साथ ही देश के अन्य हिस्सों से लोग वापस आए और दिल्ली ने काफी मुश्किल वक्त देखा। वायु प्रदूषण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जनवरी से अक्तूबर माह के मध्य तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता अच्छी रहती है, लेकिन इसके बाद पंजाब ,हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलने के बाद यह खराब होने लगती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पराली के निस्तारण के लिए दिल्ली ने एक रसायन को विकल्प के तौर पर पेश किया है जिसे पूसा संस्थान ने विकसित किया है और जो पराली को खाद में बदल देता है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश का कोई बहाना नहीं चलेगा और पराली जलनी बंद होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली सरकार अथवा पूसा संस्थान उन राज्यों को रसायन दे सकता है जहां पराली जलाई जाती है। इस दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि जखीरा से दिल्ली सीमा तक रोहतक मार्ग के 13.33 किलोमीटर के मजबूतीकरण का काम अगले छह माह में पूरा होना है लेकिन वह कोशिश करेंगे कि इसे चार माह में पूरा कर लिया जाए।