IAS अधिकारियों से नाराज केजरीवाल बोले- विकास में अफसर लगा रहे अड़ंगा
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि अगर ठेकेदारी प्रथा न खत्म होने का पैमाना स्थायी हो जाने के बाद कर्मियों का काम न करना है तो सबसे पहले आईएएस अधिकारियों को ठेकेदारी प्रथा पर डाल देना चाहिए।
केजरीवाल के मुताबिक, ज्यादातर अफसर काम नहीं करते। हर काम में अड़ंगा लगा देते हैं। सचिवालय में ही विकास पर अड़ंगा लगा दिया गया है। केजरीवाल सोमवार को दिल्ली विद्युत बोर्ड पेंशनधारकों के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
नौकरशाही का कटघरे में खड़ा करने के साथ उन्होंने उपराज्यपाल पर भी तंज कसा। कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल, ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन समेत बड़ी संख्या में पेंशनधारक शामिल थे।
केजरीवाल ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने एनडीएमसी की बैठक में ठेके पर काम कर रहे कर्मियों को पक्का करने का एक प्रस्ताव रखा। लेकिन अफसर प्रस्ताव के खिलाफ खड़े हो गए। अफसरों की दलील थी कि ठेके के कर्मियों को पक्का करने पर वह काम नहीं करते।
'संविदा एक्ट कहता है कि अगर कोई काम 365 दिन का है तो उस पर ठेके के कर्मी नहीं होने चाहिए'
केजरीवाल के मुताबिक, इस पर उन्होंने कहा कि अगर काम ही ठेके के कर्मियों को पक्का करने का पैमाना है तो सबसे पहले अफसरों को कच्चा करना चाहिए। ये बिलकुल काम नहीं करते। बकौल केजरीवाल, अगर ग्रुप सी व डी के 10 फीसदी कर्मी काम नहीं करते तो 90 फीसदी आईएएस अधिकारी काम नहीं करते।
केजरीवाल के मुताबिक, संविदा एक्ट कहता है कि अगर कोई काम 365 दिन का है तो उस पर ठेके के कर्मी नहीं होने चाहिए। लेकिन इसके लिए राज्य सरकारों को नोटिफिकेशन करना होगा। दिल्ली सरकार ने श्रम विभाग को इसका प्रस्ताव तैयार करने को कहा तो अधिकारी उपराज्यपाल का बहाना बनाकर काम टाल रहे हैं।
अतिथि शिक्षकों के मामले में रोड़ा अटकाया तो सरकार ने बिल पास करके उनके पास भेज दिया। अब अतिथि शिक्षक उपराज्यपाल से निपट लेंगे। सरकार समान काम के लिए समान वेतन दिलाने की योजना पर भी काम कर रही है। अगर उपराज्यपाल अड़चन खड़ी करते हैं तो सभी लोग जाकर उनसे निपट लेना।
केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली विद्युत बोर्ड पेंशनधारकों की मांगों को सरकार ने पूरा किया है। दिल्ली विद्युत बोर्ड प्रॉविडेंट फंड के लिए नियत राशि का इंतजाम सरकार ने कर दिया है। वहीं, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें भी पेंशनधारकों के लिए लागू कर दी गई हैं।