भाजपा-कांग्रेस तय करेंगी दिल्ली का भविष्य!
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दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रहे दांव-पेंच के बीच सोमवार को आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों ने उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात की। इस दौरान आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में फिर से चुनाव कराने की मांग की।
केजरीवाल के मुताबिक दिल्ली में कोई भी दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने एलजी के सामने अपने सभी विधायकों की परेड कराते हुए किसी से न तो लेने और न समर्थन देने का विश्वास दिलाया।
गौरतलब है कि सोमवार को निर्धारित समय से आधे घंटे पहले ही केजरीवाल एलजी पास पहुंच गए थे, तब उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। लेकिन मुलाकात के बाद मनीष सिसोदिया ने बताया कि एलजी दिल्ली के अन्य दलों से चर्चा के बाद दिल्ली सरकार के संबंध में फैसला लेंगे।
एलजी से मिलकर राजघाट निकले केजरीवाल
उपराज्यपाल नजीब जंग से मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल अपने विधायकों संग महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर पहुंचे। वह ऐसा पहले भी कर चुके हैं।
केजरीवाल के मुताबिक उन्हें राजघाट जाने से शक्ति मिलती है। वह जब कभी कठिन परिस्थिति में होते हैं, तो राजघाट जाकर कुछ देर वक्त बिताते हैं।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान में दिल्ली के रोहिणी में जब उन्हें एक ऑटो ड्राइवर ने जोरदार थप्पड़ जड़ी थी तब भी उन्होंने राजघाट आकर मौन धारण कर लिया था।
साफ होगी दिल्ली में सरकार की तस्वीर
दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रही कशमकश को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल विराम देना चाहते हैं। इसलिए सोमवार को केजरीवाल उपराज्यपाल नजीब जंग के सामने अपने सभी विधायकों की एकजुटता परेड कराई।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आप विधायकों की उपराज्यपाल से यह मुलाकात दिल्ली की भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करेगी।
यह बात करीब-करीब सच होते भी दिख रही है। क्योंकि आप विधायकों ने तय किया है वह दिल्ली में फिर से चुनवा चाहते हैं।
किसी हाल में नहीं टूटेंगे आप विधायक
पार्टी का मानना है कि भाजपा द्वारा कभी आप के विधायक तो कभी कांग्रेस विधायकों के टूटने की बातें कहे जाने से जनता के बीच उनकी छवि खराब हो रही है। उपराज्यपाल के सामने एकजुटता दिखाने से जनता में बेहतर संदेश जाएगा।
इसलिए अब पार्टी का कोई भी सदस्य दिल्ली में सरकार नहीं बनाना चाहता। अब आप दिल्ली में चुनाव को ही इकलौता विकल्प मान रही है।
हालांकि एलजी ने अन्य दलों से चर्चा की बात कहकर अभी भाजपा के लिए दरवाजे बंद नहीं किए हैं।
कांग्रेस के विधायक कर चुके हैं परेड
वहीं दिल्ली की राजनीति से जुड़े एक विश्लेषक का मानना है कि सरकार बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला, पूर्व में भाजपा को सरकार बनाने के लिए उपराज्यपाल की तरफ से दिया गया न्यौता और दूसरी बड़ी पार्टी के सरकार बनाने और गिरने की स्थिति के बीच फंसे उपराज्यपाल के पास अभी किसी को बुलावा देने का विकल्प नहीं है।
28 दिसंबर को आप की सरकार बनने से पूर्व जब भाजपा को ऑफर दिया गया था तो भाजपा के पास 32 विधायक थे, जो अब 29 हैं।
ऐसे में आप विधायकों की परेड और उससे पूर्व कांग्रेस के आठ विधायकों के एकसाथ मीडिया के सामने आकर किसी की सरकार बनवाने से इनकार करने के बयान से यह साफ हो जाएगा कि चुनाव के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है।