नाम के प्रदर्शन को लेकर निशाने पर मुख्यमंत्री
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स्वतंत्रता दिवस की परेड में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल विवादों से घिर गए हैं। छत्रसाल स्टेडियम में परेड के दौरान अरिवंद केजरीवाल का पोस्टर और विज्ञापन प्रेम एक बार फिर खुलकर सामने आया।
दरअसल छत्रसाल स्टेडियम में आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार परेड में शामिल हुई। स्टेडियम में एक सफेद बैकग्राउंड पर लाल रंग से अरविंद केजरीवाल के नाम का विशाल डिस्पले नजर आया।
यहां स्कूल के छात्र अपने हाथों में बड़ी तख्तियां पकड़े हुए थे। इसे आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने ट्विटर पर भी शेयर किया। यहां तक कि आप नेता कपिल मिश्रा ने भी ट्वीटर पर लिखा कि छत्रसाल स्टेडियम में भारतीय छात्रों ने अरविंद केजरीवाल के नाम को तख्तियों पर लिखा था।
#India Students have written name of @ArvindKejriwal using placards at Chhatrasal stadium pic.twitter.com/eDp385p1GB
— Kapil Mishra (@KapilMishraAAP) August 15, 2015
क्या है विवाद की वजह?
ये डिस्पले परेड के दौरान दिल्ली के स्कूलों के छात्रों की गतिविधियों का एक हिस्सा था। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब खुद के महिमामंडन और प्रचार को लेकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमला किया जा रहा हो।
इससे पहले भी टीवी और रेडियो पर विज्ञापन व प्रचार को लेकर वे हाशिए पर रहे। इसके लिए दिल्ली सरकार ने केजरीवाल को केंद्रित कर प्रचार के लिए जो विज्ञापन बजट रखा, उसकी भी चौतरफा आलोचना हुई।
सोशल साइट्स पर इसे लेकर प्रतिक्रिया शुरु हो चुकी है। एक यूजर्स ने लिखा, किसी को इन बच्चों को समझाने की जरूरत थी जो स्वतंत्रता दिवस पर एक नेता के नाम की अक्षरों की तख्तियां पकड़े हुए थे।
हालांकि आम आदमी पार्टी में केजरीवाल पर हमेशा से ही ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि वे आत्म केंद्रित राजनीति करते हैं और तानाशाही रवैया अपनाते हैं। पूर्व आप नेताओं प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव ने अरविंद केजरीवाल पर ऐसे ही आरोप लगाए थे।